पुखरायां। छुट्टा मवेशी की समस्या से किसानों को निजात नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण ठंड के मौसम में भी किसानों को रात के समय फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। साथ ही हाईवे व लिंक रोड पर आवागमन में जानलेवा साबित हो रहे हैं। जिनको गोआश्रय स्थल में संरक्षित कराए जाने की मांग की है।
छुट्टा मवेशियों को संरक्षित कराए जाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हो पा रहे हैं। जिससे हर जगह हर कोई परेशान है। भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष श्रीबाबू बुंदेला, किसान अखिलेश, रामबाबू यादव, हरिश्चंद्र उपाध्याय, बीरेंद्र तिवारी, बलवान सिंह यादव, अबरार, महेश मिश्र ने बताया कि इतने गोआश्रय स्थल बनाए गए लेकिन छुट्टा मवेशियों से निजात नहीं मिल पा रही है। मवेशी खेतों में फसल चट करते हैं और झांसी-कानपुर हाईवे, मुगलरोड व लिंक रोड पर चलना तक मुश्किल कर देते हैं। अकस्मात रोड पर दौड़कर आ जाने से दुर्घटना हो जाती है। जिनको गोआश्रय स्थल में संरक्षित कराया जाए तभी समाधान हो सकता है।
भाकियू तहसील अध्यक्ष श्रीबाबू बुंदेला ने बताया कि प्रत्येक किसान पंचायत में छुट्टा मवेशियों के संरक्षण की मांग की जाती है। जिसका ज्ञापन भी दिया जाता है, लेकिन समाधान नहीं कराया जाता है। छुट्टा मवेशी तो दिखते हैं लेकिन उनको पकड़ने वाला दस्ता कही नहीं दिखाई देता है। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि बीडीओ मलासा व अमरौधा को छुट्टा मवेशियों को पकड़वा कर गोआश्रय स्थल में संरक्षित कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिनकी निरंतर जांच और उपचार के लिए पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया गया है।