कानपुर देहात। जिले में चाइल्ड लाइन सेवा की शुरुआत बुधवार को हो गई है। डीएम ने हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। अब भटके या निराश्रित बच्चों को रनियां के करबक में रखने की व्यवस्था की गई है। अभी तक निराश्रित बच्चों को कानपुर भेजा जाता था।
बच्चों की आकस्मिक मदद के लिए चाइल्ड लाइन सेवा कानपुर से संचालित थी। 1098 पर आई कॉल पर कानपुर से सोसायटी के प्रतिनिधि भटके या फिर निराश्रित बच्चों को कानपुर ले जाते थे। इसमें कई बार विलंब होता था। अब रनियां के करबक में डॉ. भीम राव आंबेडकर इंटर कॉलेज परिसर में सुभाष चिल्ड्रेन सोसायटी की ओर से चाइल्ड लाइन सेवा की व्यवस्था की गई है।
कलक्ट्रेट सभागार से बुधवार को डीएम जेपी सिंह ने जिले की चाइल्ड लाइन सुविधा का शुभारंभ किया। यहां चाइल्ड लाइन कानपुर के निदेशक कमल कांत तिवारी ने बताया कि 1098 सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। सूचना पर चाइल्ड लाइन टीम मौके पर पहुंचते हैं और बच्चों का बचाव करते हैं। चाइल्ड लाइन टीम बच्चों के पुनर्वास का भी इंतजाम करती है।
बाद में चाइल्ड लाइन के निदेशक ने प्रतीक चिंह देकर डीएम का सम्मान किया। अमेरिका के एनजीओ से जुड़ी जूलिया भी यहां मौजूद रहीं। वह निराश्रित दो बेटियों को गोद ले चुकी हैं। जबकि एक अन्य बेटी को गोद लेने की प्रक्रिया चल रही है। डीएम ने जूलिया की सराहना की। यहां सेवा संस्था की सचिव कंचन मिश्रा, प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय, जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन, जगदीश यादव, रामप्रकाश, ममता देवी आदि मौजूद रहीं।