दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने सियासी सफर की शुरुआत ग्राम पंचायत के चुनाव से की। कुलदीप सिंह सेंगर का गांव जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में शुमार होता है। इसी से गांव को ब्लाक का दर्जा देने की मंजूरी मिल चुकी है। एक बार प्रधान रहे कुलदीप ने युवक कांग्रेस से सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
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कुलदीप सिंह के पिता मुलायम सिंह मूल रूप से फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील क्षेत्र के रहने वाले थे। नाना वीरेंद्र सिंह के कोई बेटा नहीं था। केवल दो बेटियां चुन्नी देवी और सरोजनी देवी हैं। चुन्नी देवी शादी के बाद परिवार के साथ पिता के यहां रहने लगीं।
चार भाइयों में कुलदीप सबसे बड़े, मनोज दूसरे नंबर के और अतुल तीसरे नंबर के हैं। सबसे छोटे भाई विपुल सिंह की करीब दस साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। सभी का यहीं जन्म हुआ।
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पूरे गांव में मातम, कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं
कुलदीप सिंह सेंगर
विधायक कुलदीप सेंगर व उनके भाई पर रेप सहित अन्य गंभीर आरोपों के चलते उनके गांव में पसरा सन्नाटा तीसरे दिन भी नहीं टूटा। विधायक के जिस घर के बड़े मैदान में लोगों का मजमा लगता था, वहां सन्नाटा पसरा है। विधायक ज्यादातर शनिवार और रविवार को गांव में ही रुकते थे।
उनसे मिलने के लिए जिले भर से लोग आते थे। वह लोगों की समस्याएं सुनते। लोगों के आपसी विवाद के मामलों में पंचायत कर जो फैसला सुना देते,उससे दोनों पक्ष असहमत होने की हिम्मत नहीं कर पाते थे।
शनिवार को आंबेडकर जयंती की छुट्टी रही। अगर विधायक सीबीआई के शिकंजे में न होते तो सुबह छह बजे से ही मजमा जुड़ने लगता। शनिवार को नजारा जुदा रहा। विधायक के घर ही नहीं, पूरे गांव में मातम है। कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
तब तक सही नहीं मानेंगे, जब तक साबित न हो जाए
कुलदीप सिंह सेंगर
गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि कुलदीप की वजह से गांव की पूरे जिले में शान थी, अब गांव को लोग किस नजर से देखेंगे, पता नहीं। वहीं विधायक से नाराज रहने वाले लोग दबी जुबान से दबंगई की बात तो स्वीकार करते हैं लेकिन आरोपों को वह पचा नहीं पा रहे। विरोधियों का कहना है कि विधायक का यह रूप कभी उनके सामने नहीं आया। आरोप को तब तक सही नहीं मानेंगे, जब तक साबित न हो जाए।
कुलदीप सिंह एक बार ग्राम प्रधान रहे। इसके बाद दो पंचवर्षीय में माता चुन्नी देवी प्रधान बनीं। मौजूदा समय में अतुल सिंह की पत्नी अर्चना सिंह ग्राम प्रधान हैं। वर्ष 2002 में कुलदीप बसपा की टिकट पर सदर सीट से विधायक चुने गए। 2007 में उन्होंने सपा का दामन थामा। इस चुनाव में वह बांगरमऊ से विधायक चुने गए।
2012 में वह भगवंतनगर से विधायक निर्वाचित हुए। 2016 में सपा में रहते हुए पार्टी से बगावत कर पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाया। संगीता सेंगर जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। विधानसभा चुनाव से पहले कुलदीप सिंह ने भाजपा का दामन थाम लिया।
ग्रामीणों में सीबीआई की दहशत
कुलदीप सिंह सेंगर
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा की टिकट पर बांगरमऊ से लगातार चौथी बार जीत हासिल की। संगीता सेंगर लगातार दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुईं। इससे पहले छोटे भाई मनोज सिंह 2005 से 2010 तक मियागंज ब्लाक के प्रमुख रहे।
ग्रामीणों में सीबीआई की दहशत
लगातार दो दिनों से माखी थाने में घूम रही सीबीआई के डर से गांव के लोग रविवार को भी सहमे रहे। गांव में कोई भी कार निकलती तो लोग सीबीआई होने के शक में इधर-उधर खिसक जाते। गांव के लोग न तो विधायक के पक्ष में बोलने को तैयार हैं न ही विरोध में।
इसी से लोग पूछताछ से बच रहे हैं। रविवार देर शाम एक सफेद रंग की गाड़ी गांव में विधायक के आवास पहुंची। इस पर लोग सीबीआई के शक में अपने घरों के अंदर चले गए। हालांकि माखी थानाध्यक्ष राकेश सिंह ने रविवार को सीबीआई टीम के न आने की पुष्टि की।
सोशल मीडिया पर विरोध व समर्थन की लड़ाई
विधायक पर दुष्कर्म के आरोप का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। विधायक के समर्थक उन्हें निर्दोष बता रहे हैं। वहीं पीड़िता के पक्ष में उतरे लोग जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं। भाजपा व जिले के अन्य राजनैतिक दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी है। यह किसी किस्म की प्रतिक्रिया नहीं कर रहे हैं।
बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप तूल पर है। पीड़िता के परिजनों के साथ मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह के प्रयास का मामला सोशल मीडिया पर छा गया था। फेसबुक व ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लोग दो धड़ों में बंट गए हैं। एक धडे़ में विधायक के समर्थक हैं।
दूसरे धड़े में किशोरी को न्याय दिलाने की मांग करने वाले हैं। ऐसे में फेसबुक व ट्विटर पर पोस्टों की भरमार है। रोज सैकड़ों की संख्या में लोग फेसबुक व ट्विटर पर पोस्ट डाल रहे हैं। यहां कुछ लोग विधायक को आरोपी ठहरा रहे हैं,वहीं कुछ किशोरी पर ही विधायक को झूठा फंसाने के आरोप लगाते हुए पोस्ट अपडेट कर रहे हैं।
समर्थकों ने कहा, विधायक पर लगे झूठे आरोप
बारासगवर थानाक्षेत्र के धानीखेड़ा बाजार में रविवार को सौ से अधिक लोगों ने बांगरमऊ विधायक के समर्थन में उतरकर नारेबाजी की। समर्थकों का कहना है कि विधायक पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। समर्थकों ने सीबीआई जांच और न्यायालय पर भरोसा जताया। एक जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि विधायक को राजनैतिक द्वेष में फंसाया गया है तो एक पूर्व ब्लाक प्रमुख का कहना है कि विधायक पर झूठे आरोप लगे हैं।