कानपुर देहात सहित अन्य जिलाें में बुधवार की देर शाम आई धूल भरी तेज आंधी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। धूल भरी आंधी ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया। कुछ जगहों पर बारिश भी हुई है। बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गिरने से गेहूं की कटाई कराने गए युवक की मौत हो गई, जबकि पांच लोग झुलस गए।
तेज आंधी व तूफान आने की चेतावनी पहले से ही मौसम विभाग पहले ही जारी कर चुका था। बुधवार की शाम करीब 7 बजे मौसम ने करवट बदली और धूल भरी तेज हवाएं चलने लगीं। आंधी से बडे पैमाने पर नुकसान हुआ। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल व भूसा उड़ गया। आंधी से पूरे जिले की बिजली गुल हो गई, जो देर रात गायब रही।
रसूलाबाद, डेरापुर, रूरा, झींझक संदलपुर, सिकंदरा, मुंगीसापुर, पुखरायां, राजपुर, भोगनीपुर क्षेत्र में आंधी के दौरान लोगों के घरों व दुकानों के बाहर रखे टीन शेड हवा में उड़ गए। झींझक प्रतिनिधि के अनुसार मंगलपुर में तौसीफ (22) अपने बटाईदार नरेंद्र (25) के साथ रजबहे के पास स्थित खेत पर गेहूं की कटाई करा रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी चलने लगी और बिजली गिरने से नरेंद्र की मौके पर मौत हो गई, जबकि तौसीफ गंभीर रूप से झुलस गया।
उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया है। वहीं कटाई का काम कर रहे सईद, शमशाद, बॉबी, राजेश भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मामूली रूप से झुलस गए। इनका इलाज सीएचसी में डॉक्टर प्रदीप पांडेय ने किया। जिले में आंधी से काफी नुकसान हुआ है। देर रात तक बिजली न आने से पूरा जिला अंधेरे में डूबा हुआ था।