पार्क का गेट धराशायी, कई मंदिरों को पहुंचा नुकसान
तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि गोस्वामी नगर में हाल ही में बनकर तैयार हुए भव्य अंबेडकर पार्क का मुख्य गेट हवा के भारी दबाव को झेल नहीं पाया। यह मुख्य द्वार कई हिस्सों में टूटकर तिनके की तरह धराशायी हो गया, जिससे पार्क परिसर को भारी नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा, क्षेत्र के कई प्राचीन मंदिरों को भी इस आंधी-तूफान के कारण काफी क्षति पहुंची है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में काफी मायूसी है। जगह-जगह पेड़ गिरने से कई मुख्य मार्ग और संपर्क रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं, जिन्हें साफ करने में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
चित्रकूट में आंधी -बारिश का कहर
- फोटो : amar ujala
सड़क पर गिरी गौशाला की भारी-भरकम टीन, टला बड़ा हादसा
राजापुर नगर में तूफान के दौरान एक बेहद हैरान करने वाला और खौफनाक मंजर देखने को मिला। यहां स्थित एक निजी गौशाला की भारी-भरकम लोहे की टीन दो मंजिला भवन के ऊपर से उखड़कर सीधे मुख्य सड़क पर जा गिरी। गनीमत यह रही कि यह आंधी देर रात आई थी, जब सड़क पर सन्नाटा था और आवाजाही पूरी तरह बंद थी।
अगर यह हादसा दिन के समय हुआ होता, तो कई लोगों की जान जा सकती थी। इस घटना के बाद से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में खौफ का माहौल है।
खादी प्रदर्शनी में मची तबाही, दुकानदारों का लाखों का सामान भीगा
राजापुर नगर में इन दिनों आयोजित हो रही प्रसिद्ध खादी प्रदर्शनी भी इस भीषण तूफान की चपेट में आकर पूरी तरह तहस-नहस हो गई। तेज चक्रवाती हवाओं के कारण प्रदर्शनी स्थल की छत पर लगीं कई भारी टीन शेड हवा में उड़ गईं, जिससे पूरा परिसर खुला हो गया। इसके बाद हुई मूसलाधार बारिश का पानी दुकानों के अंदर भर गया।
आधी रात को आए इस संकट के बीच दुकानदारों को अपना कीमती सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ी। अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन से प्रदर्शनी के आयोजकों और छोटे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
चित्रकूट में आंधी -बारिश का कहर
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अंधकार में डूबे गांव, बिजली पोल टूटने से हाहाकार
तूफान का सबसे बड़ा झटका ग्रामीण इलाकों की लाइफलाइन यानी बिजली व्यवस्था को लगा है। तेज हवाओं और पेड़ों के गिरने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों विद्युत पोल (खंभे) बीच से टूट गए और हाईटेंशन लाइन के तार टूटकर खेतों में गिर गए।
विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ककोर और राजापुर से जुड़े कई फीडर पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे बड़े ग्रामीण इलाके में बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। बिजली विभाग के इंजीनियर और कर्मचारी युद्धस्तर पर पोल ठीक करने और आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि पूरी व्यवस्था पटरी पर आने में लंबा समय लग सकता है।