दिल्ली-हावड़ा रेल ट्रैक पर मंगलवार रात 2:42 मिनट पर इटावा स्टेशन से पहले अराजकतत्व ने बड़ा पत्थर डाल दिया, जिससे कैफियत एक्सप्रेस टकराकर डिरेल होने से बच गई। हालांकि ट्रेन का कैटिल गार्ड क्षतिग्रस्त हो गया। तकनीकी टीम पहुंची और जांच व पत्थर हटाकर करीब पांच मिनट बाद ट्रेन को रवाना किया जा सका।
आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस मंगलवार रात 2:42 बजे गेट नंबर 26 के गुजर रही थी। पोल संख्या 1154/17 के पास पटरी पर पड़े पत्थर इंजन से टकरा गया। तेज आवाज हुई और यात्रियों को झटका लगा।
ट्रेन डिरेल होते-होते बची। चालक ने पोल संख्या 1155/5 पर ट्रेन को रोक दिया। पत्थर टकराने से इंजन के आगे लगा कैटिल गार्ड क्षतिग्रस्त हो गया था। चालक ने हादसे की सूचना स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना को दी।
स्टेशन अधीक्षक की सूचना पर पीडब्लूआई एसपी मीना, आरपीएफ प्रभारी विनोद शर्मा मौके पर पहुंचे और चालक से जानकारी ली। तकनीकी टीम ने ट्रेन से पत्थर हटवाने के जांच पड़ताल की। करीब पांच मिनट बाद ट्रेन को रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया।
इटावा स्टेशन पर दो मिनट का स्टापेज लेकर ट्रेन रवाना हो गई। हादसे के कारण शिवगंगा एक्सप्रेस को इकदिल के पास ही रोक दिया गया था। आरपीएफ प्रभारी विनोद शर्मा ने बताया कि जहां पर पत्थर पड़ा मिला, वहां से लोग निकलते हैं।
बाइक निकालने के लिए किसी ने पटरी पर पत्थर डाला होगा। उसने पत्थर नहीं हटाया। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच कराई जा रही है। पत्थर डालने वाले लोगों की तलाश की जा रही है। वाहनों को निकालने के लिए इस प्रकार के उपाए करने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।