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Kanpur: स्टेम सेल के शोधों ने GSVM का परचम लहराया, एएसआई कॉन में कॉलेज के रेजीडेंट को मिले आठ अवार्ड

Fri, 14 Feb 2025 05:44 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. काला और सीनियर सर्जन डॉ. यादव ने बताया कि कॉन्फ्रेंस 11 से 14 दिसंबर तक चली थी। इसमें देश के सभी मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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स्टेम सेल थेरेपी और दूसरे शोधों ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का परचम लहरा दिया है। एसोसिएशन सर्जंस ऑफ इंडिया की दिसंबर में आगरा में हुई कॉन्फ्रेंस में यह शोध पत्र प्रस्तुत किए गए थे। इनका परिणाम अब आया है। मेडिकल कॉलेज के चार रेजीडेंट डॉक्टरों ने विभिन्न श्रेणियों में आठ अवार्ड जीते हैं। एएसआई कॉन के आर्गेनाइजिंग चेयरमैन रहे डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में देश भर के मेडिकल कॉलेजों के रेजीडेंट डॉक्टरों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए थे। इनमें जीएसवीएम ने बाजी मारी है।

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सर्जरी विभाग की सीनियर रेजीडेंट डॉ. यामिनी राणा को सबसे अधिक चार अवार्ड मिले हैं। उनका शोध मुख्य रूप से स्टेम सेल थेरेपी और डायबिटीज पर रहा है। इसके अलावा डॉ. आयुष्य गुप्ता को दो अवार्ड मिले हैं। डॉ. अंशिका वर्मा को एक अवार्ड मिला है। इन तीनों रेजीडेंट डॉक्टरों के गाइड मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला रहे हैं। इसके अलावा डॉ. आंचल गुप्ता को एक अवार्ड मिला है। डॉ. आंचल गुप्ता के गाइड डॉ. जीडी यादव रहे हैं।
जीएसवीएम में पढ़ाई और शोध कार्यों का स्तर अच्छा
रेजीडेंट डॉक्टरों को शोध पत्र, फ्री पेपर, पोस्टर आदि श्रेणी में अवार्ड मिले। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. काला और सीनियर सर्जन डॉ. यादव ने बताया कि कॉन्फ्रेंस 11 से 14 दिसंबर तक चली थी। इसमें देश के सभी मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। जीएसवीएम के खाते में सबसे अधिक अवार्ड आए हैं। यह गर्व का विषय है। साथ ही इससे साबित हुआ है कि जीएसवीएम में पढ़ाई और शोध कार्यों का स्तर बहुत अच्छा है। खासतौर पर स्टेम सेल थेरेपी के प्रयोग की पहल को देश और विदेश में मान्यता और महत्व दिया जा रहा है।

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डॉक्टर और उनके शोधपत्र

डॉ. यामिनी राणा
बेस्ट रिसर्च पेपर (प्रथम अवार्ड)- स्टेम सेल और डायबिटीज
पोस्टर अवार्ड (प्रथम अवार्ड)- स्टेम सेल और डायबिटीज
पोस्टर अवार्ड (द्वितीय अवार्ड) लेप्रोस्कोपिक विधि से पित्त की थैली का इलाज
फ्री पेपर (द्वितीय अवार्ड)- स्टेम सेल और डायबिटीज

डॉ. आयुष्य गुप्ता
बेस्ट रिसर्च पेपर (प्रथम अवार्ड)- मोटापा और बेरियाट्रिक सर्जरी
बेस्ट पोस्टर (प्रथम अवार्ड)- बर्जर डिजीजः नसों की खराबी में स्टेम सेल थेरेपी

डॉ. आंचल अग्रवाल
डॉ. सी पालानीवेलू बेस्ट पीजी पेपर अवार्ड (प्रथम अवार्ड)- न्यूरो बीमारियों में स्टेम सेल थेरेपी

डॉ. अंशिका राजन वर्मा
फ्री पेपर (तृतीय अवार्ड)- नेक्रोटाइजिंग फेसाइटिस, इसमें अंग पर काले धब्बे पड़ते हैं, अंग काटने की नौबत आती है।
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