गोकशी की घटना में साक्ष्य देने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करना किशनपुर थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। विधायक की शिकायत के बाद एसपी प्रशांत वर्मा ने थानाध्यक्ष आरके यादव लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस लाइन में तैनात एसआई पंडारी सरोज को थाने का चार्ज दिया है। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू की है।
गढ़ा ग्राम पंचायत के बरहा गांव में 15 मई की रात गोकशी की घटना हुई थी। घटना सोशल मीडिया में भी वायरल हुई। इसमें आरोपियों के नाम के साथ गोवंश के बचे शव दिखाए गए। मामले में ग्रामीणों ने किशनपुर थानाध्यक्ष आरके यादव से शिकायत की। पुलिस को गोवंश का वीडियो देकर और आरोपियों के नाम भी बताए थे। पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश था।
लोगों ने क्षेत्रीय विधायक कृष्णा पासवान से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस पर भी आरोप लगाया। विधायक ने रविवार को एसपी प्रशांत वर्मा से बात की। पुलिस की ओर से कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई। एसपी के आदेश पर पुलिस ने पड़ोसी भवानीपुर गांव के दयाशंकर की तहरीर पर बरहा गांव निवासी रमजान अली, साबिर अली, सल्ले अला, एहसान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की।
मामले में लापरवाही बरतने पर एसपी ने थानाध्यक्ष आरके यादव लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस लाइन में तैनात एसआई पंडारी सरोज को थाने का चार्ज दिया है। मामले में एसओ आरके यादव पर आरोप लगा है कि सोशल मीडिया में गोकशी आरोपियों के नाम चलाने वाले को उन्होंने धमकाया भी था।
एक भट्टे में हुई थी डील
घटना के दूसरे दिन ही पुलिस को आरोपी और गोकशी की पूरी जानकारी हो गई थी। पुलिस के कुछ नुमाइंदों के साथ ही मौके से कुछ प्रमाण हटाए गए थे। चर्चा तेज है कि एक भट्टे में एक व्यक्ति के माध्यम से पुलिस और आरोपियों की दो लाख की डील हुई थी। जिसमें एक लाख पुलिस को मिल भी गए थे। अब इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो निष्पक्ष जांच के बाद ही पता चल सकेगा।