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कत्था फैक्ट्री में स्टेट जीएसटी का छापा, कच्चे बिल पर ही हो रहा था कारोबार, नहीं जमा हो रहा था टैक्स

Tue, 28 May 2019 09:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जीएसटी
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राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग (स्टेट जीएसटी) की टीम ने कत्था बनाने वाली फर्म हीरल ग्रामोद्योग  में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी पकड़ी है। इस फर्म की फैक्ट्री सहजनी, गंगाघाट शुक्लागंज में हैं, जबकि नयागंज में दो आफिस और गोदाम हैं। 12 घंटे से अधिक चली जांच में अफसरों ने सैकड़ों की संख्या में कच्चे पर्चे जब्त किए हैं। ज्यादातर कारोबार कच्चे बिल पर ही हो रहा था। 
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हीरल ग्रामोद्योग में छापे की अगुवाई डिप्टी एडिश्नल कमिश्नर कमलेश्वर प्रसाद के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर कमलेश कुमार ने की। दर्जन भर अफसरों ने मंगलवार दोपहर को इनके प्रतिष्ठानों पर धावा बोला। फैक्ट्री की जांच में सामने आया कि बड़े पैमाने पर अघोषित स्टॉक रखा जाता था। मौके पर करीब 40 लाख रुपये केे कत्थे का अघोषित स्टॉक मिला।

संकेत बताते हैं कि काफी माल बिना प्रपत्रों के बेच दिया गया। अफसरों को मौके पर ही लाखों रुपये के माल का हेरफेर मिला। इस पर अफसरों ने जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक  के दस्तावेज तलब किए हैं। माना जा रहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद से फर्म में कच्चे बिलों पर कारोबार बढ़ा है।
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रिटर्न को कम करके दिखाया जा रहा है। इसके अलावा फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट वसूले जाने के भी साक्ष्य मिले हैं। अफसर दस्तावेजों की जांच के बाद नतीजे पर पहुंचेंगे कि अब तक कितना फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट वसूला गया। अफसर मौके पर मिली अनियमितता पर करीब 20 लाख रुपये टैक्स चोरी का अनुमान लगा रहे हैं।

दस्तावेजों की जांच के बाद टैक्स की वसूली की जाएगी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कत्था फैक्ट्री संचालक बीते डेढ़ साल से उत्पादन और माल की बिक्री कर रहे थे, लेकिन टैक्स जमा नहीं कर रहे थे। ई-वे बिल की जांच में भी तमाम एंट्री नहीं मिलीं। इसी आधार पर जांच  की गई। 
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