कर दिया है।
इसकी जगह पर लोग ई-स्टांप ले सकेंगे, जबकि 20, 50,100, 1000 और पांच हजार रुपये तक के स्टांप पेपर लोग ऑफ लाइन खरीद सकेंगे।
पूरे प्रदेश में कानपुर से स्टांप पेपर की सप्लाई हाेती है। इसके लिए जिलों से ऑर्डर मिलने पर कोषागार कानपुर स्थित नोडल स्टांप डिपो से नासिक और हैदाराबाद से स्टांप पेपर मंगाए जाते हैं। इसके बाद यहां से प्रदेश के सभी जिलों में बिक्री की जाती थी।
यहां पांच रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक के स्टांप की बिक्री होती थी, लेकिन अब 10 से पांच हजार रुपये तक के स्टांप पेपर की बिक्री होगी।
शासन के निर्देश पर होंगे निस्तारित
ई-स्टांप व्यवस्था के शुरू होने के बाद सरकार ने नए स्टांप मंगाने के आदेश पर रोक लगा दी है। मैनुअल स्टांप की बिक्री बंद होने से कोषागार में पड़े दो हजार 400 करोड़ रुपये के स्टांप डंप हो गए। ऑफ लाइन स्टांप जो डंप पड़े हैं, वे शासन के निर्देश पर ही निरस्त कराए जाएंगे। - विनोद कुमार सिंह, मुख्य कोषागार अधिकारी
स्टांप मूल्य - स्टांप पेपर की संख्या- कुल कीमत
10 हजार- 96,600- 96 करोड़ 60 लाख
15 हजार- 36,800- 55 करोड़ 20 लाख
20 हजार- 1,80,500- 3 अरब 61 करोड़
25 हजार- 79,4000- 19 अरब 85 करोड़