कानपुर में ऑन लाइन सट्टा खेलने व खिलाने वाले सटोरिये जिनसे आईडी खरीदते थे वो बेहद शातिर हैं। तकनीकी के मामले में भी हाई टेक हैं। वे जिन आईडी को बेचते थे वो किसी न किसी कंपनी से मिलती जुलती थी।
वेबसाइट का यूआरएल में अक्षरों को इधर से उधर कर उसी नाम से डोमेन बनाते थे, ताकि आसानी से पकड़े न जाएं। इसको वेबसाइट स्पूफिंग कहते हैं। पुलिस ने मंगलवार रात दो करोड़ सात लाख का सट्टा पकड़कर चार आरोपियों को जेल भेजा था।
आगरा के सटोरिये अंकुश और विक्की फरार हैं। उनकी तलाश में टीम आगरा पहुंच गई है। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि दोनों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली है। नंबर ट्रेस किये जा रहे हैं, जल्द इनकी गिरफ्तारी की जाएगी। इन सभी पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई होगी।
बता दें कि करोड़ों का सट्टा पकड़ने के मामले में पुलिस को सटोरियों के छह बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली है। इनमें एक साल में 90 करोड़ रुपयों का लेन देन होने की बात सामने आई है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला कि ये सारे खाते तो आरोपियों के नाम से हैं मगर इनमें ट्रांजेक्शन कंपनी के नाम से हुए हैं। यह कंपनियां किसकी हैं? क्या बनाती हैं ? इसके बारे में पुलिस जानकारी एकत्रित करने में जुटी है।