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सट्टे की रकम खपाई, पुलिस की जांच में खुलासा, गिरोह में कारोबारी भी शामिल, गैंगस्टर की कार्रवाई

Fri, 01 Jan 2021 05:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सट्टा माफिया राजा यादव - फोटो : अमर उजाला
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करोड़ों का सट्टा पकड़ने के मामले में पुलिस की जांच में दो एक्सपोर्टर समेत पांच कारोबारियों के नाम सामने आए हैं। ये सभी सटोरियों के सीधे संपर्क में थे और एक्सपोर्टर कानपुर समेत अन्य शहरों में सट्टे की रकम खपाते थे। कारोबारी सट्टे में लाखों रुपये लगाते थे। पुलिस को कुछ सफेदपोशों के नाम व मोबाइल नंबर भी आरोपियों के पास से मिले हैं जिनकी तस्दीक कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। सटोरियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी और संपत्ति जब्त की जाएगी। 
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पुलिस ने मंगलवार रात रायपुरवा, नौबस्ता और गोविंद नगर में दबिश देकर चार सटोरियों सौरभ अरोड़ा, विनय गुप्ता, विनय मिश्रा और अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दो करोड़ सात लाख रुपये बरामद किये थे। पुलिस के मुताबिक शहर के कई बड़े कारोबारी भी सटोरियों के साथ सट्टा खेलते थे। उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने में टीम लगी है। 

 
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कासगंज और आगरा पुलिस से किया संपर्क
गिरोह के दो सदस्य आगरा निवासी अंकुश व विक्की फरार हैं। हर सट्टे के गिरोह के संपर्क में रहने वाला कासगंज का नीरज भी हाथ नहीं आया है। शहर पुलिस ने इन तीनों की तलाश के लिए आगरा और कासगंज पुलिस से संपर्क कर जानकारी साझा की है। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि मामले में सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। इसके अलावा आईडी बेचने वाला दिल्ली का कपूर भी फरार है। दिल्ली पुलिस से जानकारी साझा की गई है।

सटोरियों के मिले कई बैंक खाते, पासपोर्ट होगा निरस्त
पुलिस के मुताबिक सभी सटोरियों के अलग-अलग बैंकों में करीब एक दर्जन खाते मिले हैं। पुलिस ने खातों को फ्रीज कराने को बैंकों से पत्राचार किया है। एसपी ने बताया कि विनय गुप्ता समेत कई अन्य आरोपियों के पासपोर्ट मिले हैं जिनकी जांच कराई जा रही है। सभी पासपोर्ट निरस्त कराए जाएंगे। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रिपोर्ट भेजी जा रही है। 

कारोबार में लगाई सट्टे की रकम
पुलिस की जांच में सटोरियों की कई कंपनियों के बारे में जानकारी मिली है जिसमें ये सभी सट्टे की बड़ी रकम खपाते थे। कंपनियां साझे में हैं। पुलिस साझेदारों का भी पता लगा रही है।
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