फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब पटरी से उतरने पर नहीं होंगी ट्रेन दुर्घटनाएं, यहां तैयार हुआ "हॉट बॉक्स डिटेक्टर", जानिए खासियत

Thu, 30 Aug 2018 03:45 PM IST
सुहेल खान, अमर उजाला, कानपुर

सार

- ट्रेन का एक्सेल गर्म होने की सूचना देगा पटरी पर लगा हॉट बॉक्स डिटेक्टर
- चुनार में लगा पहला डिटेक्टर, अब कानपुर से इलाहाबाद और टूंडला के बीच लगेगा
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ट्रेनों के पहिये में लगे एक्सेल (धुरा) के गरम होकर टूटने या जाम होने से ट्रेनों के डिरेलमेंट की घटनाओं पर अब अंकुश लग सकेगा। नए किस्म का उपकरण हॉट बॉक्स डिटेक्टर बता देगा कि एक्सेल गरम है। इसके बाद ट्रेन को आगे रोककर उसकी मरम्मत की जा सकेगी।
विज्ञापन


इस उपकरण का उत्तर मध्य रेलवे ने इलाहाबाद-मुगलसरांय के बीच चुनार में ट्रायल भी किया है। अब कानपुर से इलाहाबाद के बीच में और कानपुर से टूंडला के बीच में हॉट बॉक्स डिटेक्टर लगाया जाएगा। आम तौर पर एक्सेल जाम होने से ही डिरेलमेंट जैसी घटनाएं होती हैं। एक्सेल घिसने और बैरिंग जाम होने से गरम होता है।

पटरी में लगाया जाएगा बॉक्स

डेमो पिक
हॉट बॉक्स डिटेक्टर पटरी पर लगेगा। इसमें तापमान मापक यंत्र के अलावा केबल लगी होगी। यह पूरा सिस्टम इंफ्रारेड (गर्मी से निकलने वाली किरणें) किरणों से चलेगा। इसकी ऑनलाइन मॉनीटरिंग होगी।

ट्रेन जब गुजरेगी और उसका एक्सेल गर्म हुआ तो उससे निकलने वाली इंफ्रारेड किरणें बॉक्स पर पड़ेंगी। इसके बाद कंप्यूटर पर इसकी जानकारी पहुंच जाएगी। इससे ट्रेन को सिग्नल देकर आगे रोका जाएगा और उसकी मरम्मत कराई जाएगी। 
विज्ञापन

डेमो पिक
चुनार में इसका इस्तेमाल किया गया है। सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं। इसके बाद कानपुर से इलाहाबाद और कानपुर-टूंडला सेक्शन पर भी इसे लगाया जाएगा। यात्री सुरक्षा के लिए इस तकनीकी का रेलवे ने पहली बार इस्तेमाल किया गया है।
- गौरव कृष्ण बंसल, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें