ट्रेनों के पहिये में लगे एक्सेल (धुरा) के गरम होकर टूटने या जाम होने से ट्रेनों के डिरेलमेंट की घटनाओं पर अब अंकुश लग सकेगा। नए किस्म का उपकरण हॉट बॉक्स डिटेक्टर बता देगा कि एक्सेल गरम है। इसके बाद ट्रेन को आगे रोककर उसकी मरम्मत की जा सकेगी।
इस उपकरण का उत्तर मध्य रेलवे ने इलाहाबाद-मुगलसरांय के बीच चुनार में ट्रायल भी किया है। अब कानपुर से इलाहाबाद के बीच में और कानपुर से टूंडला के बीच में हॉट बॉक्स डिटेक्टर लगाया जाएगा। आम तौर पर एक्सेल जाम होने से ही डिरेलमेंट जैसी घटनाएं होती हैं। एक्सेल घिसने और बैरिंग जाम होने से गरम होता है।