कानपुर देहात में एक बार भारतीय रेलवे की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। झींझक रेलवे फाटक के पास डाउन की मालगाड़ी के ब्रेक जाम होने से इंजन से दूसरी बोगी का पहिया तेज गर्म होने के साथ धुआं फेंकने लगा। गेटमैन की सूचना पर मालगाड़ी को झींझक रेलवे स्टेशन की लूप लाइन पर रोक लिया गया। जाम ब्रेक ठीक न होने से चालक और गार्ड ट्रेन को रेलवे स्टेशन पर ही छोड़ कर चले गए। शुक्र है कोई बड़ा हादसा होने से बच गए।
गुरुवार को जीएस 25 मालगाड़ी दिल्ली से कानपुर की तरफ जा रही थी। ट्रेन झींझक रेलवे फाटक पार कर थी कि तभी गेटमैन मनराज ने ट्रेन के इंजन से दूसरी बोगी के पहिये से चिंगारी व धुआं निकलते देखा स्टेशन अधीक्षक को सूचना दी। स्टेशन अधीक्षक राधेराम मीणा ने दोपहर 01:50 बजे मालगाड़ी को डाउन की लूप लाइन पर खड़ा करा दिया।
इस दौरान मालगाड़ी के चालक बीपी गुप्ता, सहायक चालक फूल सिंह व गार्ड सुशील कुमार ने कई घंटों तक उसे ठीक करने का प्रयास किया। लेकिन ब्रेक ठीक नहीं हो सका। इस पर चालक व गार्ड मालगाड़ी को झींझक रेलवे स्टेशन की लूप लाइन पर ही छोड़ कर चले गए।
पूछे जाने पर स्टेशन अधीक्षक राधेराम मीणा ने बताया मालगाड़ी के इंजन से दूसरी बोगी में ब्रेक बाइंडिंग होने से ट्रेन को आगे नहीं ले जाया जा सका। ट्रेन स्टेशन की लूप लाइन पर छोड़कर चालक व गार्ड चले गए, इसकी जानकारी कंट्रोल टूंडला को दे दी गई थी। पहिया ठीक होने व दूसरे चालक और गार्ड आने के बाद मालगाड़ी को रवाना किया जाएगा।
मालगाड़ी के सहचालक की बिगड़ी हालत
गुरुवार की दोपहर जीएस 25 मालगाडी के ब्रेक जाम होने के कारण कई घंटे तक खामी दुरुस्त करने के दौरान सहचालक फूल सिंह की हालत बिगड़ गई। सहचालक को तेज दर्द के साथ ही उल्टी होने लगी। इस पर स्टेशन कर्मियों ने आनन-फानन उसे निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। आराम मिलने पर उसे कानपुर भेजा गया है। स्टेशन अधीक्षक झींझक राधेराम मीणा ने बताया की सहचालक की हालत में उपचार के बाद सुधार हो गया था। उसे कानपुर भेजा गया है।