समाजवादी पार्टी में पड़ी फूट सड़क पर आ गई है। गुरुवार को पार्टी कार्यालय में बैठक के बाद समाजवादी युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव आफताब खान ने सपा पार्षद मोहम्मद सारिया पर पिस्टल तान दी और हाथापाई की। पार्टी नेताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। मामला हाईकमान तक पहुंचाने की बात कही गई।
दरअसल, समाजवादी पार्टी की नगर कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को नवीन मार्केट कार्यालय में हो रही थी। इसमें नेताओं ने बीते सप्ताह संगीत टाकीज चौराहे पर सीसामऊ के कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में नगर अध्यक्ष फजल महमूद के खिलाफ अपशब्द कहने पर आफताब खान की निंदा की गई। दलेलपुरवा से सपा पार्षद मोहम्मद सारिया ने कहा कि जिस व्यक्ति ने पार्टी के मंच से नगर अध्यक्ष को बुरा भला कहा हो, उसे तो मंच से ही फेंक देना चाहिए था। बहुत अफसोस की बात है कि कोई कुछ नहीं बोला। मीटिंग में बैठे आफताब समर्थक ने यह बात उन्हें फोन पर बता दी। मीटिंग के बाद जब मोहम्मद सारिया जाने लगे तो कार्यालय के बाहर नवीन मार्केट में आफताब खान अपने समर्थकों संग पहुंच गए। दोनों में कहासुनी हुई और आफताब ने सारिया पर पिस्टल तान दी। वहां मौजूद पार्षद शिब्बू अंसारी और अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया।
सपा पार्षद मोहम्मद सरिया ने अपने बयान में कहा 'नगर अध्यक्ष को अपशब्द कहने पर मैंने भी आफताब की निंदा की जिस पर उनके समर्थकों ने घात लगाकर मुझ पर हमला किया। यही नहीं उन्होंने मुझ पर पिस्टल भी तान दी।'
वहीं आफताब खान ने अपनी सफाई में कहा ‘मैं कार्यकारिणी की मीटिंग में शामिल होने जा रहा था। मुझे पार्टी कार्यालय के बाहर पार्षद मोहम्मद सारिया ने रोक लिया और कहा कि अध्यक्ष जी के खिलाफ बोलते हो, अंदर मत जाना। उन पर हमला करने कोशिश हुई तो आत्मरक्षा में पिस्टल निकाली। नगर अध्यक्ष के बारे में मेरी राय आज भी वही है। मुलायम सिंह यादव से मिलकर बात बताऊंगा।’
इस मामले में हाजी फजल महमूद ने कहा ‘मारपीट की घटना पार्टी कार्यालय के बाहर की होगी। सीसामऊ सम्मेलन में किसी कार्यकर्ता ने मेरे खिलाफ अपशब्द कहे थे लेकिन मैंने नजरअंदाज कर दिया। इसी बात को लेकर कार्यकारिणी मीटिंग में पदाधिकारी नाराज थे। सभी ने एक सुर में निंदा की कि जब कार्यकर्ता बोल रहा था, तो उसे रोकना चाहिए था।’
यह था मामला
तीन सितंबर को सपा विधायक इरफान सोलंकी के संगीत टाकीज चौराहे पर सीसामऊ के प्रशिक्षण शिविर में आफताब ने नगर अध्यक्ष फजल महमूद पर इशारा करते हुए कहा था कि जो लोग कांग्रेस से आए उन्हें शहर अध्यक्ष बना दिया गया है। कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं हो रहा है। यह बर्दाश्त नहीं होगा। इसके अलावा भी अपशब्द कहे थे। मंच पर मौजूद किसी नेता ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। नगर अध्यक्ष और विधायक इरफान भी मंच पर ही बैठे थे।