सपा विधायक इरफान सोलंकी के ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। ईडी को 50 करोड़ की काली कमाई के सुराग मिले हैं। इरफान सोलंकी की 100 करोड़ की संपत्ति जब्त होने के साथ ही ईडी की नजर टेढ़ी हो गई थी। एक साल तक गुपचुप जांच हुई, इसके बाद ईडी ने छापेमारी की।
कानपुर के जाजमऊ स्थित प्लॉट में आगजनी के आरोप में महराजगंज जेल में बंद सीसामऊ सीट से तीन बार के सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके करीबियों के यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार सुबह छापा मारा। इसमें करीब 50 करोड़ रुपये की काली कमाई के सुराग मिले हैं।
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इसके अलावा विधायक, उनके भाई अरशद, साथी और जमीन के कारोबार में साझीदार हाजी वसी, सपा नेत्री नूरी शौकत के घर और मुंबई के एक ठिकाने में हुई कार्रवाई में 26 लाख रुपये नकदी भी बरामद की गई है।दरअसल, इरफान पर दर्ज करीब 10 मुकदमाें के आधार पर मनी लांड्रिंग का फरवरी में केस दर्ज हुआ था। इसी सिलसिले में यह कार्रवाई की गई।
इरफान और उनके करीबियों पर वसूली, सरकारी और निजी संपत्तियों समेत नजूल की जमीनों पर कब्जा, उनकी बिक्री करने समेत कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा इरफान की आय में बढ़ोतरी हुए बिना संपत्तियों में 282 प्रतिशत वृद्धि के साक्ष्य मिलने के बाद ईडी ने शिकंजा कसा है। कार्रवाई के दौरान इरफान के बैंक खाते से साढ़े 12 करोड़ रुपये का ब्योरा मिला।
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आयकर रिटर्न में सिर्फ छह लाख रुपये की औसत आय दिखाई थी। सुबह करीब साढ़े पांच बजे पहुंची ईडी की टीम ने घर में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन जमा कराकर सीसीटीवी कैमरों को बंद करा दिया था। घर में रखी अलमारियों को काटने के लिए इलेक्ट्रिक कटर, प्रिंटिंग मशीन और अन्य उपकरण भी मंगाए गए।
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करीब पांच बजे कार्रवाई खत्म कर टीम लौट गई। टीम अपने साथ बड़े पैमाने पर दस्तावेज ले गई है। वहीं इरफान के खनन के कारोबार से जुड़े साक्ष्यों पर भी ईडी की नजर है। इस मामले में कई और लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं।
कानपुर में 10 करोड़ के मकान और बांद्रा के पांच करोड़ के फ्लैट की भी जांच
ईडी की जांच के दौरान पता चला है कि साल 2016 से 2022 तक विधायक इरफान की संपत्ति 282 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि उनकी आय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। जांच में इरफान की कई बेनामी संपत्तियां भी सामने आई हैं। इरफान के कानपुर में 10 करोड़ के मकान और बांद्रा के पांच करोड़ के फ्लैट की भी जांच की जा रही है। इरफान पर आरोप है कि राजनैतिक प्रभाव और अपराध से अवैध रूप से कमाए धन को वैध करने के लिए कई फर्जी व्यावसायिक संस्थाएं भी बनाई हैं। खातों की पड़ताल में पता चला है कि पिछले पांच सालों में इरफान को लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये मिले हैं।
इरफान के वकील ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
इधर विधायक के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने सुबह सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इरफान के जाजमऊ स्थित घर में परिजन नहीं हैं। उनकी पत्नी विधायक से मिलने महराजगंज जेल गईं हैं। इधर ईडी टीम ने घर के सभी कैमरों के कनेक्शन भी काट दिए हैं।
ऐसे कसता गया विधायक और सहयोगियों पर शिकंजा
दो वर्ष पूर्व आठ नवंबर-2022 को डिफेंस कॉलोनी जाजमऊ निवासी नसीर फातिमा ने विधायक व उनके भाई रिजवान पर प्लॉट पर जबरन कब्जा करने और आग लगाने का आरोप लगाया था। मामले में दोनों को जेल भेजा गया है। इसके बाद शुरू हुई जांच में विधायक की पत्नी नसीम के हाजी वसी की हमराज कंस्ट्रक्शन कंपनी में निदेशक होने की बात सामने आई थी।
इसके बाद हाजी वसी और सपा नेत्री नूरी शौकत के पिता शौकत अली पर शिकंजा कसा गया था। हाजी वसी पर तीन जून-2022 को शहर में हुए दंगे में फंडिंग करने का भी आरोप है। इस मामले में वह जेल भी भेजा गया था, जबकि शौकत की गिरफ्तारी जमीन कब्जाने के आरोप में हुई थी। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशियों को देश में बसाने का भी आरोप था।
इरफान की 100 करोड़ की संपत्ति जब्त होने के साथ ही टेढ़ी हो गई थी ईडी की नजर
सपा विधायक इरफान सोलंकी एक साल पहले उस समय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर में आ गए थे, जब उनकी करीब 100 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई थी। इसके बाद से ईडी अपने स्तर पर अंदर ही अंदर जांच कर रही थी। इसके बाद गुरुवार को भारी भरकम टीम के साथ इरफान, उनके भाई, चाचा और दो सहयोगियों के यहां छापा मारा।
दरअसल, जाजमऊ में एक प्लॉट में आगजनी के बाद 26 दिसंबर 2022 को सपा विधायक इरफान सोलंकी को गैंग लीडर बनाते हुए रिजवान, शौकत पहलवान, इजराइल आटेवाला और मोहम्मद शरीफ के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। विवेचना में हाजी अज्जन, मुर्सलीन उर्फ भोलू और मन्नू रहमान को भी शामिल किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 27 मई 2023 को 1450 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद अलग-अलग कार्रवाई में इरफान की करीब 100 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। ईडी के सूत्रों की मानें तो इसी के बाद ईडी ने नजर रखनी शुरू कर दी थी। उसमें अहम सबूत और तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
काले धन और बेनामी संपत्तियों को लेकर हुई थी जांच
ईडी सूत्र बताते हैं कि सपा विधायक और उनके करीबियों की संपत्तियों और काले धन को लेकर पहले तथ्य जुटाए गए थे। यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि जो संपत्तियां जब्त हुईं, आखिरकार उसे खरीदने के लिए पैसे कहां से आए। जमीनों पर अगर जबरन कब्जा किया गया है तो कार्रवाई क्या हुई।