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Kanpur: सपा के प्रदर्शन से पहले विधायक अमिताभ बाजपेयी और नगर अध्यक्ष फजल महमूद हाउस अरेस्ट

Thu, 23 Jul 2026 01:43 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर

सार

Kanpur News: समाजवादी पार्टी की ओर से नीट परीक्षा, छात्र आंदोलन और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को प्रस्तावित फूलबाग सत्याग्रह से पहले पुलिस ने पार्टी नेताओं पर कार्रवाई की। आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेयी और सपा नगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद समेत कई कार्यकर्ताओं को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
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सपा नगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद को रोकती पुलिस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी की ओर से नीट परीक्षा में गड़बड़ी, छात्र आंदोलन और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को कानपुर के ऐतिहासिक फूलबाग मैदान में सत्याग्रह आंदोलन प्रस्तावित था। हालांकि, सत्याग्रह शुरू होने से ठीक पहले ही कानपुर पुलिस-प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए समाजवादी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं की घेराबंदी कर दी।

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पुलिस ने आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेयी और सपा नगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद समेत कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) कर दिया, जिससे शहर का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया।

विधायक अमिताभ बाजपेयी आवास पर हाउस अरेस्ट

सत्याग्रह में शामिल होने की तैयारी कर रहे आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेयी को पुलिस ने उनके आर्यनगर स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। इससे पहले वह सीएसए (CSA) परिसर स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थल पहुंचे थे और श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इसके बाद जैसे ही वह फूलबाग में आयोजित सत्याग्रह में शामिल होने के लिए निकलने वाले थे, तभी पुलिस बल ने उन्हें उनके आवास पर ही रोक दिया और बाहर नहीं निकलने दिया।

रोके गए नगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद

उधर, सपा नगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद को पुलिस ने उनके दूध वाला बंगला स्थित आवास से फूलबाग सत्याग्रह के लिए निकलते समय रोककर हाउस अरेस्ट कर दिया। उनके साथ मौजूद अन्य सपा कार्यकर्ताओं को भी घर से बाहर जाने से पूरी तरह रोक दिया गया।

पुलिस बल तैनात, कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश

सपा शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी और परीक्षा धांधली के खिलाफ प्रस्तावित इस सत्याग्रह को विफल करने के लिए पुलिस ने दोनों प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है। नेताओं को उनके घरों में ही नज़रबंद किए जाने की खबर फैलते ही सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।

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सपा नेताओं का कहना है कि सरकार पुलिस के दम पर विपक्ष की लोकतांत्रिक आवाज और छात्रों की लड़ाई को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी जनहित के मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
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