फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2019 लोकसभा चुनावः भाजपा के मास्टर प्लान को बड़ी चोट पहुंचाने की तैयारी में सपा-बसपा गठबंधन

Mon, 14 Jan 2019 02:21 PM IST
gaurav gaurav यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
सपा-बसपा गठबंधन
साल 2019 के लोक सभा चुनाव में भाजपा के मास्टर प्लान को सपा-बसपा गठबंधन बड़ी चोट पहुंचाने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश में विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने का मास्टरप्लान तैयार किया है। अखिलेश यादव और मायावती की जोड़ी ने मोदी लहर की काट निकालने की कोशिश की है जिसका एलान जल्द ही होने वाला है। अखिलेश और मायावती की जोड़ी पीएम मोदी के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं है क्योंकि उपचुनाव में ये जोड़ी कमाल दिखा चुकी है।

 
विज्ञापन

2 of 5
सपा-बसपा गठबंधन
ऐसे में इस बार यूपी में बीजेपी की राह आसान नहीं है। अखिलेश और मायावती दोनों ने साथ आने के संकेत काफी पहले से देने शुरू कर दिए थे। इस जोडी का फॉर्मूला यूपी में हुए उपचुनाव में निकला, जहां लोकसभा चुनाव में डंके बजाने वाली बीजेपी को चारों खाने चित होना पड़ा।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- इटावा और कन्नौज हो सकते युद्ध का केंद्र...
विज्ञापन

3 of 5
सपा-बसपा गठबंधन
मोदी के लिए खतरे की घंटी अखिलेश-मायावती की जोड़ी
बीजेपी का गढ़ और योगी आदित्यनाथ का चुनावी क्षेत्र गोरखपुर बीजेपी के हाथ से निकल गया। इसके अलावा फूलपुर में भी मायावती के उम्मीदवार के चुनाव न लड़ने से बीजेपी को एसपी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। कैराना और नूरपुर की सीट भी बीजेपी के हाथ से निकल गई। यूपी में हुए विधानसभा चुनाव में अखिलेश और राहुल की अच्छे लड़कों की जोड़ी पूरी तरह से फ्लॉप हो गई थी। वहीं 2014 के चुनाव में दोनों ही पार्टियों को बुरा हाल रहा था।

4 of 5
सपा-बसपा गठबंधन
2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को जहां 71 सीटें मिली थी। वहीं एसपी को 5 और कांग्रेस को दो सीटें मिली थी, जबकि बीएसपी अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी।  इटावा और कन्नौज जिले की लोकसभा सीटों पर मजबूती बनाते हुए सपा और बसपा गठबंधन,  भाजपा को घेरने की कोशिश करेगा। हालांकि मोदी लहर के बावजूद वोट प्रतिशत के मामले में एसपी-बीएसपी काफी मजबूत रही थी और अगर 2014 जैसी लहर मान ले तो ये गठबंधन आंकड़ों के हिसाब से मोदी सरकार के पसीने छुड़ा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
सपा-बसपा गठबंधन
2014 में मोदी लहर के बावजूद सपा-बसपा 41.80 फीसदी वोट हासिल करने में कामयाब रही थी। जबकि बीजेपी को 42.30 फीसदी वोट मिले थे। सूबे में 12 फीसदी यादव, 22 फीसदी दलित और 18 फीसदी मुस्लिम हैं, जो कुल मिलाकर आबादी का 52 फीसदी हिस्सा है। यूपी के जातीय समीकरण और इतिहास को देखें तो ये जोड़ी बीजेपी और मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है और पीएम के रास्ते का रोड़ा जो कि महागठबंधन से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें