चित्रकूट में किसानों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच जाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बात का प्रमाण उनकी चित्रकूट पदयात्रा के दौरान मिला। चित्रकूट में पदयात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा ' तेज धूप और गर्मी के बीच किसानों ने जो बताया यह पूरे बुंदेलखंड का दर्द है। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ कराने के लिए लड़ाई लड़ने को कहा है। इसके लिए उन्होंने लोगों से अपील की है कि यूपी में कांग्रेस को सत्ता संभालने का एक मौका दें।
राहुल ने भाजपा के खिलाफ बोलते हुए कहा उत्तर प्रदेश में भाजपा और संघ केवल धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। बेहद तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए राहुल बोले यह धर्म की दलाली करते हैं। बाद में इसी धर्म का इस्तेमाल यह हिंसा के रूप में करते हैं।
राहुल ने यह भी कहा कि भाजपा और संघ हिंदू-मुस्लिम को लड़वाने का काम करते हैं। 'गरीबों' और 'गाय' से उन्हें कोई मतलब नहीं है। भाजपा और आरएसएस केवल सत्ता की प्राप्ति के लिए काम कर रही है। हजारों गाय अन्ना (आवारा) घूम रही हैं लेकिन उनकी रखवाली करने के लिए यह धर्म के ठेकेदार कहीं नजर नहीं आते।
'किसान त्रस्त मोदी मस्त'
चित्रकूट पहुंचे राहुल गांधी अपनी सभा को संबोधित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी पर राहुल ने तंज कसते हुए कहा 'किसान त्रस्त मोदी मस्त।' उन्होंने कहा मोदी जी उद्योगपतियों पर ज्यादा महरबान है इसलिए केवल उनका कर्ज माफ करते हैं लेकिन गरीब किसानों का क्या...? किसानों के कर्जमाफी के बारे में पीएम मोदी क्यों नहीं कोई फैसला लेते।
राहुल ने यूपी में 'प्रयोग की राजनीति' खत्म करने की बात कही। बसपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राहुल बोले मायावती का हाथी कोरोड़ों रुपए डकार गया।
समाजवादी साइकिल पंचर
राहुल के सामने अपनी बात रखती हुई महिला
- फोटो : अमर उजाला
वहीं सपा को लेकर उन्होंने कहा समाजवादी साइकिल का पहिया पंचर हो चुका है जिसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने निकाल फेंका है। यह उन्हें बहुत पहले करना चाहिए था। उनका इशारा सपा में जारी गृहयुद्ध की ओर था जिसमें फिलहाल शिवपाल यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
बता दें 16 सितंबर को चित्रकूट पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी चित्रकूट यात्रा पर समाप्त कर अतर्रा-बांधा के लिए निकल पड़े हैं। चित्रकूट में राहुल गांधी की जुंबा में खास धार नजर आई है। उन्होंने राज्य सरकार व केंद्र सरकार समेत बसपा के खिलाफ तीखा जुबां का इस्तेमाल किया।