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निलंबन के बाद सेक्स वर्कर संग मिलकर ब्लैकमेलिंग करने लगा सिपाही, कमरे में बुलाकर बना लेता था वीडियो

Mon, 07 Dec 2020 01:21 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पुलिस ने किया मामले का खुलासा - फोटो : amar ujala
कानपुर के चकेरी थाने में भाजपा नेता के साथ मारपीट करने के मामले में 16 जुलाई को सस्पेंड हुए सिपाही मुकेश सिंह को पुलिस ने ब्लैकमेल करने वाले इस गिरोह का मास्टर माइंड बताया है। मुकेश सिंह के साथ पकड़ी गई सेक्स वर्कर ने पूछताछ में बताया है कि उन लोगों ने अब तक दर्जनों भर लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूले हैं। आढ़ती की घटना से तीन दिन पहले ही एक शख्स को इसी तरह फांसकर तीन लाख रुपये वसूले हैं। 

 
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पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी - फोटो : amar ujala
पुलिस ने बताया कि सस्पेंड सिपाही ने अपनी पत्नी व बच्चों को प्रयागराज के शिवकुटी स्थित गांव भेज दिया है। 2017-18 में गोविंदनगर थाने में तैनाती के दौरान उसकी मुलाकात बर्रा में रहने वाली सेक्स रैकेट चलाने वाली महिला माही से हुई। माही ने ही उसकी मुलाकात सेक्स वर्कर से कराई। सस्पेंड होने के बाद सिपाही ने आमदनी बढ़ाने के लिए सेक्स वर्कर के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग के धंधे पर उतर आया।

सेक्स वर्कर ग्राहकों को दादानगर स्थित सस्पेंड सिपाही के दोस्त की कॉलोनी पर ही बुलाती थी। तभी मुकेश अपने साथियों के साथ कमरे में पहुंच जाता और फोटो करने के साथ ही वीडियो बना लेता। इसके बाद बदनामी का डर दिखाकर ब्लैकमेल करता। सस्पेंड सिपाही के साथ पकड़े गए साथी इलियास ने बताया कि वह कुली बाजार में सिलाई का काम करता था। उसके एक दोस्त ने मुकेश मुलाकात कराई थी, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि मुकेश सस्पेंड हो चुका है। मुकेश ने उसे काम होने पर 10 हजार रुपये देने का वादा किया था।

 
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आढ़ती जिसने रची थी अपने अपहरण की साजिश - फोटो : amar ujala
नशेबाजी को लेकर भी बदनाम रहा सस्पेंड सिपाही
मुकेश अपनी कार्यशैली को लेकर हमेशा से विवाद में रहा है। नशेबाजी को लेकर भी मुकेश हर थाने में बदनाम रहा। गोविंदनगर में लोगों को अपना क्लाइंट बनाना और अक्सर शराब के नशे में मारपीट करना आम बात थी। नशे में अभद्रता करने पर पीले पुल पर मुकेश को पीटा भी गया था। इसके बाद मुकेश का ट्रांसफर बिधनू की सेन चौकी हो गया। यहां भी हरकतों से बाज नहीं आया तो उसे चकेरी भेजा गया। 

सेक्स रैकेट सरगना के हैंडीकैम में दर्ज हैं कई राज, तलाश शुरू
सेक्स वर्कर ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात ग्राहक बनकर आए सस्पेंड सिपाही मुकेश से करीब तीन माह पूर्व बर्रा निवासी माही ने कराई थी। वह पूर्व में रैकेट की संचालिका के मकान में ही किराये पर छह साल की बेटी और एक साल के बेटे के साथ रहती थी। उसने बताया कि जब भी कोई ग्राहक आता तो संचालिका माही हैंडीकैम से वीडियो बनवा लेती थी। पुलिस ने संचालिका की तलाश तेज कर दी है। 

 

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पुलिस की हिरासत में आरोपियों ने उगले कई राज - फोटो : amar ujala
सेक्स रैकेट संचालिका की है राजनीतिक पहुंच
जेल गई सेक्स वर्कर ने बताया कि सेक्स रैकेट का संचालन करने वाली महिला की राजनीतिक पहुंच भी है। वह खुद को समाजसेविका बताती है। उसके घर पर अक्सर राजनीति से जुड़े लोगों का आनाजाना रहता था। सेक्स वर्कर ने बताया कि कुछ दिनों पहले शराब के नशे में संचालिका का एक्सीडेंट हो गया था। उसे नौबस्ता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने अस्पताल का पता लगाकर महिला तक पहुंचने का जाल बिछाया है।

पुलिस की जांच में बढ़ सकती हैं आढ़ती की भी मुश्किलें
थाना प्रभारी धनेश प्रसाद ने बताया कि आढ़ती अपनी मर्जी से सेक्स वर्कर से मिलने गया था। बदनामी से बचने और ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए खुद के अपहरण की कहानी रची। जांच में दोषी पाए जाने पर उस पर भी रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है।

 
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आरोपी सिपाही - फोटो : amar ujala
सेक्स रैकेट के खुलासे में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी ने बताया कि नौबस्ता और दादानगर में सेक्स रैकेट के संचालन का भी पता चला है। सैक्स रैकेट का संचालन करने वालों में कुछ कथित पत्रकार, पुलिसकर्मियों के भी शामिल होने की आशंका है। मामले की जांच की जा रही है। बर्रा में रहने वाली सेक्स रैकेट की संचालिका का भी लोगों को ब्लैकमेल करने में बड़ा हाथ होने की जानकारी मिली है।
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