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अनोखा मामलाः 'मुर्दा' सोनम को पुलिस ने अदालत में किया पेश, खुद पिता ने की थी लाश की शिनाख्त

Thu, 01 Nov 2018 08:41 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मायके और पुलिस के अभिलेखों में ’मुर्दा’ बन चुकी विवाहिता सोनम की नाटकीय ढंग से बरामदगी के बाद बुधवार को उसे यहां पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में पेश किया। करीब पांच माह पूर्व ससुराल से चलती बनी युवती ने अब फिर वापस ससुराल जाने की इच्छा जताई है। बांदा कालिंजर थाना क्षेत्र के गड्डिहा (बहादुरपुर) निवासी राजकरन यादव की बेटी सोनम देवी (सोनू) की शादी 7 मई 2014 को मरका थाना क्षेत्र के गौरी ताला गांव निवासी कमलेश कुमार के साथ हुई थी। अब उसके लगभग तीन वर्षीय पुत्र भी है। इसी वर्ष 8 मई को सोनू ससुराल से लापता हो गई। पति कमलेश यादव ने 9 मई को मरका थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी कि उसकी पत्नी बिना बताए घर छोड़कर चली गई है। शव की शिनाख्त में हुई चूक पर सोनू के पिता को भी पछतावा है। उसने बताया कि जिस शव की उसने शिनाख्त की थी वह बुरी तरह जली अवस्था में और क्षत-विक्षत था। सिर्फ कद-काठी से अनुमान लगाकर अपनी बेटी सोनू का शव समझ लिया था। पिता ने बताया कि वह अपनी दर्ज कराई रिपोर्ट वापस लेने की अर्जी देगा। 
 
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पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। सोनू का कुछ सुराग नहीं लगा। इसी बीच 21 मई 2018 को कमासिन थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव के पास धोबियन हार में किसी महिला का अधजला शव मिला। पुलिस की सूचना पर सोनू के पिता ने शव की शिनाख्त अपनी बेटी सोनू के रूप में की और कमासिन थाने में सोनू के पति कमलेश कुमार, ससुर राजकुमार, सास मन्नी देवी, देवर कमल कुमार और ननद नीलम पर दहेज उत्पीडन और दहेज हत्या के अंतर्गत धारा 304-बी, 498-ए, 201 आईपीसी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने पति और ससुर को जेल भेज दिया। वह लगभग एक पखवारे जेल में रहकर जमानत पर छूटे। 
 
 
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उधर, सोनू देवी अपने मासूम बच्चे को छोड़कर ससुराल से रफूचक्कर होकर दिल्ली पहुंच गई। वहां झारखंड की महिला के माध्यम से किसी घर में काम करने लगी। उधर, उसकी कथित हत्या में फंसे ससुराल वालों ने कुछ समाजसेवी संगठनों की मदद लेकर सोनू को दिल्ली में ढूंढ निकाला। साथ ही मरका पुलिस को सूचना दी। दो दिन पूर्व सोमवार को मरका पुलिस सोनू के ससुर और ननद को लेकर दिल्ली पहुंची और सोनू को बरामद कर लिया। बुधवार को बबेरू क्षेत्राधिकारी राजीव प्रताप सिंह उसे लेकर बांदा मुख्यालय आए। यहां धारा 164 सीआरपीसी के तहत अदालत में उसके बयान कलमबंद कराने थे। सोनू देवी के सही सलामत बरामदगी के बाद मरका थाना पुलिस गलत रिपोर्ट दर्ज कराने वाले सोनू के पिता पर धारा 182 के तहत रिपोर्ट दर्ज करेगी। साथ ही बरामद हुए शव की नए सिरे से हत्या के मामले की तफ्तीश करेगी। यह जानकारी मरका थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन ने दी। बुधवार को शाम उन्होंने बताया कि सोनू के ससुराल वालों पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर अब कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह गलत साबित हुई है। 

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समाजसेवियों में क्रेडिट लेने की होड़
सोनम उर्फ सोनू देवी की बरामदगी के मामले में गुलाबी गैंग कमांडर संपत पाल, तिरहार विकास मंच अध्यक्ष प्रमोद आजाद और नारी इंसाफ सेना की राष्ट्रीय कमांडर वर्षा भारतीय में क्रेडिट लेने की होड़ रही। संपत पाल का कहना था कि जिस शव को सोनू देवी का बताया गया था उसका डीएनए टेस्ट कराने की मांग उन्होंने ही की थी। वह शुरू से ही शव को शंका के दायरे में बता रही थीं। उधर, प्रमोद आजाद का कहना था कि सोनू की दिल्ली में खोज कराने के लिए वह खुद परिजनों के साथ गया था। वर्षा गुप्ता का कहना है कि अब पुलिस यह बताए कि जिस शव को सोनू का बताया गया था वह किसका था? इसकी जांच होनी चाहिए। 
 
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वापस ससुराल जाएगी सोनू देवी 
बयान दर्ज कराने के लिए अदालत आई सोनू देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अब वापस ससुराल जाना चाहती है। मायके हरगिज नहीं जाएगी। दुख जताया कि उसके मायके वालों ने किसी अज्ञात महिला के शव की उसके शव के रूप में शिनाख्त कर ली। उसने बताया कि पिता द्वारा उसकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की बात उसे पता चली तो वह बेचैन और परेशान हो उठी। अपने बच्चे के भविष्य को लेकर भी चिंता थी। उधर, अदालत लाए जाने के दौरान सोनू देवी के साथ उसका पिता राजकरन, ससुर राजकुमार, ननद करिश्मा यादव (निशा), मां भी उपस्थित थीं।
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