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PHOTOS:'...उन्ने कही थी जो चाहो करि लो, तो लेओ हम आ गए थाने पापा की शिकायत करने'

Fri, 05 Jan 2018 04:50 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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ओम नारायण गुप्ता
'मेरा नाम ओम नारायण गुप्ता है मेरे पापा अमर नाथ गुप्ता मुझे नुमाइश नहीं ले जा रहे। जब मैने पापा से पूछा कि ऐसा क्यों किया तो उन्ने हमको मारा। अभी पापा सुबेरे आए बोले कहीं नहीं जाना। मेरे फ्रेंड माधव, तनु सभी नुमाइश घूम आए हैं। उन्ने (पापा ने) कही थी जो कर पाओ वो कर लेओ जाके। अब हम उनकी शिकायत करने थाने आ गए।

  
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उन्हें उठाकर थाने में सोड़ देओ बस पिटाई करो

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ओम नारायण गुप्ता
पापा हमें कहीं नहीं ले जाते हैं तो उन्हें उठाकर थाने में सोड़ देओ बस पिटाई करो। जब उनको गुस्सा आती है हमें मारते हैं। हमें गुस्सा नहीं आती। जब पारा गरम हो जाता है तो हमें भी गुस्सा आ जाता है। हम यही कहना चाहते हैं कि संडे वाले दिन घर पर रहा करो, संडे और सैटरडे को घर से भाग जाते हैं और घरमें खूब कलेश कराते हैं। मम्मी खिसियाती हैं और मम्मी तो पापा को खूब डांटती हैं। वो कहती हैं तुम लोगों की वजह से जी रहे हैं। हम पापा से यही कहना चाहते हैं लिमिट में घूमो 5-6 घंटे घूमो बस।'
 
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5वीं कक्षा में पढ़ता है ओम

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ओम नारायण गुप्ता
यूपी के इटावा करौल मोहल्ला निवासी व्यवसायी अमरनाथ गुप्ता का दूसरा बेटा ओम नारायण गुरुवार को कोतवाली पहुंच गया। थाने पहुंचते ही उसने अपने पिता की शिकायत करनी शुरू कर दी। ओम ने बताया कि इटावा महोत्सव (नुमाइश) में पिता ने ले जाने की बात कही थी लेकिन ले नहीं गए। ओम की उम्र लगभग 11 साल है और वह 5वीं कक्षा में पढ़ता है। 

 

बेटा स्वभाव से नटखट, शरारती और जिद्दी

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ओम नारायण गुप्ता
मोहल्ले के दोस्त माधव, सलोनी और तनु नुमाइश देख आए। बच्चे ने थाने में अपने पिता के प्रति बहुत नाराजगी जताई। पुलिसवालों ने बच्चे की भावनाओं का सम्मान करते हुए उससे यह भरोसा जताया कि उसके पिता को समझा दिया जाएगा। ओम की मां और अमर नाथ की पत्नी रुचि का कहना है कि उनका बेटा स्वभाव से नटखट, शरारती और जिद्दी है।
 
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बच्चे की भावनाओं का ख्याल रखें

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ओम नारायण गुप्ता
नादानी के कारण वह अपने पिता की शिकायत करने के लिए कोतवाली पहुंच गया था। इटावा कोतवाली के एसएसआइ राकेश कुमार ने घर जाकर अभिभावकों को समझाया कि बच्चे की भावनाओं का ख्याल रखें और उसकी जरूरतों को समझते हुए काम करें। 
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