कानपुर के लैंडमार्क होटल में हुई कार्यशाला के समापन से पहले सवाल जवाब सत्र हुआ। पांच पार्षदों के सवालों के बाद कमल शुक्ल बेबी जेएनएनयूआरएम में हुए भ्रष्टाचार का मामला उठाने लगे तभी पार्षद उन्हें रोकने के लिए नजदीक पहुंच गए। बेबी की उनसे कहासुनी हुई। इसके बाद महापौर पार्षदों के सवालों का जवाब देने स्टेज पहुंची। महापौर ने महिला पार्षदों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे शांति से बैठी हैं, जबकि पुरुष पार्षद लड़े जा रहे हैं। सारे पार्षद मेरे बच्चे हैं।
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कानपुर महापौर प्रमिला पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
कार्यशाला में पार्षदों के सवालों के जवाब देते समय महापौर प्रमिला पांडेय ने गैर भाजपाई पार्षदों को दो टूक चेतावनी दे डाली। कहा ‘मैं इतनी सक्षम हूं कि किसी भी पार्षद से हाथ, पैर, जुबान से लड़ सकती हूं। दरअसल, महापौर ने कांग्रेसी पार्षद कमल शुक्ल बेबी पर टिप्पणी कर दी। इस पर बेबी और अन्य गैर भाजपाई पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद भाजपाई और अन्य पार्षदों में नोकझोंक होने लगी। इसी के बाद महापौर ने पार्षदों को अपने अंदाज में चेतावनी दे डाली।
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हंगामा करते पार्षद
- फोटो : अमर उजाला
लैंडमार्क होटल में हुई कार्यशाला के समापन से पहले सवाल जवाब सत्र हुआ। पांच पार्षदों के सवालों के बाद कमल शुक्ल बेबी जेएनएनयूआरएम में हुए भ्रष्टाचार का मामला उठाने लगे तभी पार्षद उन्हें रोकने के लिए नजदीक पहुंच गए। बेबी की उनसे कहासुनी हुई। इसके बाद महापौर पार्षदों के सवालों का जवाब देने स्टेज पहुंची। महापौर ने महिला पार्षदों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे शांति से बैठी हैं, जबकि पुरुष पार्षद लड़े जा रहे हैं। सारे पार्षद मेरे बच्चे हैं।
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महिला पार्षद
- फोटो : अमर उजाला
सुहेल के सवाल का हवाला देकर कहा कि सीवर लाइन समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में पड़ी थी। किसने पाइप लाइन डाली? सीवर लाइन डाली? किसने घोटाला किया? मुझे मतलब नहीं है। मैं नए सपनों, सोच के साथ पांच साल सदन चलाना चाहती हूं। पार्षदों को सलाह दूंगी कि इसमें न पड़ें। नहीं तो हम कुछ कर नहीं पाएंगे। इसके बाद स्टेज में दूसरी तरफ आकर बेबी की ओर इशारा कर बोलीं कि ‘अब बेबी गुरु उठ गए हैं, पेपर में जो छपना है। इसी के बाद हंगामा शुरू हो गया।
समझ का फेर है। कार्यशाला अच्छी तरह हुई। कुछ पार्षद, जिन्हें फोटो खिंचवाने का शौक है, उनके लिए मैं हाथ, पैर, मुंह से मजबूत हूं। मेरी बात को गलत तरीके से लिया गया है। कहने का अधिकार सबको है। मेरा कहना था कि एक पार्षद कहे तो दूसरा न बोले। बेबी बोल रहे थे तो अन्य को विरोध नहीं करना चाहिए था। मैं जांच कराऊंगी। सब फाइलें खुल जाएंगी तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
- प्रमिला पांडेय, महापौर