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मां की लाश संग रह रहा था बेटा, पुलिस पूछताछ में सामने आई ये बड़ी बात...

Fri, 15 Sep 2017 12:32 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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ताला तोड़कर महिला के शव को बाहर निकालती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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एक पुश्तैनी रईस बेटा चार दिन तक अपनी मां के शव के साथ घर में रहता रहा।  कमरे से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पहुंची, लेकिन घर में ताला लटका मिला। बेटा मां के शव को कमरे में बंद कर चला गया था। पुलिस ने ताला तोड़कर शव को बाहर निकाला। मामला यूपी के कानपुर शहर का है।
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कानपुर जनरलगंज निवासी विकास गोयनका के पिता विश्वनाथ गोयनका की मौत हो चुकी है। वह मां शांति देवी (82) के साथ जनरलगंज में अपने मकान में रहता है। विकास की बिल्डिंग की कीमत करोड़ों रुपये है। मकान के आधे हिस्से में उसके स्वर्गीय चाचा बद्री विशाल और झब्बू के परिजनों का अधिकार है। दोनों के परिवार इसी बिल्डिंग में रहते हैं। बिल्डिंग में लगभग 60 दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (बैंक) की जनरलगंज शाखा भी इसी बिल्डिंग में है। बैंक के कर्मचारी रफत गुरुवार सुबह बैंक पहुंचे तो विकास के घर से बदबू आने पर यूपी-100 पर सूचना दी।

कलक्टरगंज सीओ और इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो विकास के घर में ताला लटका मिला। पुलिस कर्मी ताला तोड़कर भीतर गए। वहां बेड पर शांति देवी का शव पड़ा था। सिर से खून बह रहा था। शव सड़ चुका था। पुलिस आसपास के लोगों और विकास के परिजनों से पूछताछ कर रही थी कि उसी दौरान विकास भी वहां पहुंच गया। विकास ने पुलिस अफसरों को बताया कि उसका भिवंडी (मुंबई) में भी घर है। मां की चार दिन पहले मौत हो गई थी। उसे शव को अंतिम संस्कार के लिए भिवंडी ले जाना था, लेकिन ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिला रहा था।
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इसलिए मां का अंतिम संस्कार नहीं किया था। शव में घर में रखा था। गुरुवार सुबह पांच बजे वह घर में ताला लगाकर रिजर्वेशन के सिलसिले में सेंट्रल स्टेशन गया था। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इधर, पोस्टमार्टम में शांति देवी के सिर के दाहिने हिस्से में कनपटी के ऊपर और पीछे से तरफ हड्डी टूटी मिली। डॉक्टरों के मुताबिक हेड इंजरी से शांति देवी की मौत हुई है। शांति की मौत चार दिन पहले हुई थी, जिससे शरीर का मांस गलने लगा था। इंस्पेक्टर देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि शांति के परिजनों की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

कौन है विकास गोयनका
विकास गोयनका विश्वनाथ गोयनका का एकलौता बेटा है। विश्वनाथ गोयनका के तीन और भाई हैं। झब्बूलाल, बाबूलाल और बद्री विशाल। चारों भाइयों का निधन हो चुका है। विश्वनाथ गोयनका का निधन करीब तीन साल पहले हुआ। विश्वनाथ गोयनका करीब 30 साल पहले तक जनरलगंज में ही कपड़े की इंडेंटिंग एजेंसी का काम करते थे। इसके बाद परिवार समेत भिवंडी, मुंबई चले गए। करीब पांच साल पहले वहां से फिर लौटकर आए। जनरलगंज में जिस बिल्डिंग में यूनियन बैंक है वह गोयनका परिवार की ही है।

चार भाइयों के बेटों में इसका बंटवारा हुआ है। इसी के साथ सभी के किरायेदार भी बंट गए। पड़ोसी बताते हैं कि विश्वनाथ गोयनका के बेटे विकास गोयनका के हिस्से दो किरायेदार आए। बताते हैं कि विकास का व्यवहार संतुलित नहीं है। ऊलजुलूल हरकतों की वजह से किरायेदार उससे परेशान रहते हैं। सर्दी या गर्मी में किस तरह के कपड़े पहनने हैं, इससे उसे मतलब नहीं है। प्रतिष्ठित घराने का होने के बाद भी रहन सहन और व्यवहार संयत नहीं है। इस कारण परिवारिक लोगों ने भी इससे संबंध खत्म कर लिया था। 
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