हत्यारोपी के बारे में जानकारी देते एसपी अमित कुमार
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हरदोई जिले में 21 जनवरी को बेहटागोकुल थाना क्षेत्र अंतर्गत टोडरपुर रेलवे स्टेशन के निकट मिले वृद्धा के शव की शिनाख्त के बाद पुलिस ने पूरी घटना का खुलासा कर दिया है। वृद्धा के दामाद ने रुपयों के लालच में अपनी मां और भाई के साथ मिलकर हत्या करने के बाद शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। मझिला पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि 21 जनवरी को टोडरपुर के निकट लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर महिला का शव मिला था। बेहटागोकुल पुलिस ने शिनाख्त न होने के कारण शव का अंतिम संस्कार पोस्टमार्टम के बाद करा दिया था।
सात फरवरी को मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम हाथीपुर निवासी लक्ष्मीकांत पुत्र ओम प्रकाश ने वृद्धा के कपड़े और फोटो देखकर शिनाख्त मां उर्मिला (60) पत्नी ओमप्रकाश के रूप में की। लक्ष्मीकांत के भाई अजय कुमार ने 19 जनवरी को ही उर्मिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट मझिला थाने में दर्ज करा दी थी।
शिनाख्त होने पर मझिला थानाध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने मामले की तफ्तीश शुरू की। इस दौरान पता चला कि आशुतोष मिश्रा पुत्र विपिन किशोर निवासी करावां थाना मझिला ने सास उर्मिला से साढ़े सात लाख रुपये उधार लिए थे।
रुपये वापस न करने पड़े इसलिए 19 जनवरी को ही उसने उर्मिला की हत्या सिर पर पत्थर मारकर कर दी थी। उसके भाई विजय प्रकाश मिश्र और मां रेशमा देवी ने भी घटना में सहयोग किया था। पुलिस ने सोमवार सुबह साढ़े छह बजे अयारी नहर बंबा के निकट से आशु को गिरफ्तार कर लिया।
उसके कब्जे से 61 हजार रुपये, एक बोलेरो और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। एसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में मझिला थानाध्यक्ष संजीव शर्मा, सिपाही मीनू कुमार और सोनू यादव भी मौजूद रहे।
10 लाख रुपये में वृद्धा ने बेचा था छह बीघा खेत
पुलिस को पता चला कि उर्मिला ने पांच माह पहले छह बीघा खेत बेचा था। इससे 10 लाख रुपये उसे मिले थे। दो लाख रुपये पहले से ही उर्मिला के शाहाबाद में स्थित भारतीय स्टेट बैंक के खाते में जमा थे। 10 लाख रुपये भी इसी खाते में जमा करा दिए गए थे। दरअसल उर्मिला अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी और इसके कारण उसे मायके से ग्राम करावां में पैतृक संपत्ति मिली थी। हाथीपुर में उसकी ससुराल थी। दो पुत्र हाथीपुर में रहते थे, जबकि एक पुत्र करावां में रहता था। उर्मिला का आना-जाना हाथीपुर व करावां दोनों जगह रहता था।
हत्या के बाद चेक से निकाले दो लाख पांच हजार रुपये
मझिला थानाध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि विवेचना के दौरान पता चला कि उर्मिला की हत्या करने के बाद आशुतोष ने चेक से दो लाख पांच हजार रुपये निकाले थे। आशुतोष ने उर्मिला से अलग-अलग बहानों से चेक साइन करा लिए थे। एक चेक से दो लाख 30 हजार रुपये अपने खाते में 12 जनवरी को स्थानांतरित किए थे। दूसर ेचेक से 15 जनवरी को अपने भाई के बैंक खाते में तीन लाख 30 हजार रुपये स्थानांतरित किए थे। आशुतोष ने उर्मिला के बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर भी डलवा रखा था।
तलाश का किया नाटक
उर्मिला की गुमशुदगी के बाद आशुतोष ने अन्य परिजनों के साथ उसे ढूंढने का नाटक किया। सूत्रों के मुताबिक गोला, फर्रुखाबाद में गंगा किनारे, बिलग्राम में राजघाट पर, नैमिषारण्य में भी परिजनों के साथ वृद्धा की तलाश में गया। पता न चलने पर तंत्र-मंत्र के जरिये जानकारी हासिल करने का नाटक किया।