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खोजी कुत्ते ने दिया सुराग, बेटे को मिली बाप के कत्ल की सजा 

Thu, 28 Jun 2018 09:44 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमाे पिक
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कानपुरः रुपयों के लालच में पिता की हत्या करने वाले पुत्र को उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुुर्माने की सजा सुनाई गई है। लूट की रकम बरामदगी में हत्यारे के साथी को 3 साल का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।

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सहायक शासकीय अधिवक्ता विष्णु कुमार सिंह ने बताया कि चकेरी के शहदुल्लापुर पीएसी मोड़ के पास किराये के मकान में रहने वाले चंद्रशेखर पांडेय की 6 सितंबर 2015 को हत्या हो गई थी। वारदात के बाद घटनास्थल पर चंद्रशेखर का बेटा जरकला थाना बिधनू निवासी अनुराग पांडेय भी पहुंचा तो पुलिस का खोजी कुत्ता उसे सूंघने और चाटने लगा। शक की सुई तुरंत उसपर घूम गई। फिर पिता के अंतिम संस्कार के दौरान अनुराग पुलिस को चकमा दे फरार हो गया। 13 सितंबर को चकेरी से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

उसने बताया था कि जमीन की बिक्री के 16 लाख रुपये के लिए उसने पिता की गला रेतकर हत्या कर दी थी। पीएसी मोड़ के पास झाड़ियों में चाकू छिपा दिया था। अनुराग की निशानदेही पर पुलिस ने सनिगवां निवासी अंकित कुमार को गिरफ्तार कर उसकी कार से 12 लाख 31 हजार रुपये बरामद कर लिए थे। एडीजीसी ने बताया कि अनुराग ने लूट की रकम अपने दोस्त अंकित के पास रखवा दी थी। अंकित को तीन साल की सज सुनाई गई। यह फैसला एडीजे 4 शैलेंद्र पांडेय ने सुनाया।

चचेरे भाइयों की गवाही से फंसा
मुकदमे में चंद्रशेखर के भतीजे अनूप पांडे और अमित तथा पड़ोसी बाबूराम की गवाही मुख्य रही। अनूप ने एफआईआर दर्ज कराई थी। कोर्ट में दोनों भतीजों ने बताया कि चाचा की चकेरी में पान की गुमटी थी। उन्होंने ग्राम जरकला की पैतृक जमीन बेची थी। जिसकी बिक्री में 16 लाख रुपये मिले थे। 8 लाख रुपये जमा कराने के लिए उन्होंने स्टेट बैंक चकेरी भेजा था लेकिन मैनेजर ने आय का स्रोत देने की बात कहकर रुपये जमा नहीं किए। चाचा ने पूरी रकम घर के बक्से में रखी थी। अनुराग बेरोजगार था। उसकी बुरी आदतों के कारण पिता-पुत्र में नहीं बनती थी। अनुराग व्यापार के लिए रुपये मांग रहा था, जिसे चाचा ने देने से मना कर दिया। इसी बात पर अनुराग ने हत्या कर दी।

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