रजिया हसनैन को अपनी गोद में लेकर बैठी थीं
बेटे के शरीर में किसी तरह की हलचल न होने पर रजिया की भी हालत बिगड़ने लगी। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने हसनैन को मृत घोषित कर दिया जबकि रजिया खातून का इलाज शुरू किया लेकिन कुछ देर बाद उसकी भी मौत हो गई। मृतका के भाई मोहम्मद सलीम ने बताया कि छतरपुर लाते समय रजिया खातून, हसनैन को अपनी गोद में लेकर बैठी थीं। रास्ते में जब बच्चे के शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो रजिया को यह अहसास हुआ कि बेटे की मौत हो चुकी है। यह सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर सकी और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई।
पति कैंसर पीड़ित हैं
अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया। रजिया के पति सुब्हान अहमद कैंसर पीड़ित हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी रजिया पर ही थी। मंगलवार की शाम दोनों के शव कस्बा चरखारी स्थित मोहल्ला भैरोगंज पहुंचे तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। कस्बा चरखारी रजिया का मायका था। ससुराल में पति की तबीयत खराब होने पर परिजन शवों को महोबा के चरखारी लाए। जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। कोतवाल चरखारी प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की कोई सूचना नहीं है।