कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र के गांधीग्राम इलाके में अकेले रहने वालीं सेवानिवृत्त वायुसेना कर्मी सुषमा बाजपेई (65) ने शुक्रवार को बंद कमरे में दम तोड़ दिया। उनका शव कई घंटे लावारिस हालत में पड़ा रहा। शनिवार सुबह उनके घर का दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों ने लंदन में परिवार के साथ रह रहे बेटे को सूचना देकर पुलिस को बुलाया। पुलिस घर का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो बिस्तर पर वृद्धा का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस के अनुसार गांधीग्राम निवासी सुषमा बाजपेई के पति संतोष बाजपेई भी वायुसेना में थे। वर्ष 1989 में संतोष की मौत के बाद सुषमा को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली थी। उनका इकलौता बेटा वरुण लंदन में नौकरी करता है। पूर्व पार्षद मनोज यादव ने बताया कि सुषमा उनकी वरिष्ठ नागरिक संस्था की सदस्य थीं। बीते काफी दिनों से वह अस्वस्थ थीं। संस्था के लोग अक्सर उनका हालचाल लेने के लिए आया करते थे।
शनिवार सुबह काफी देर होने के बावजूद उनके घर का मेनगेट न खुलने पर लोगों को अनहोनी का अंदेशा हुआ। इसके बाद उनके बर्रा निवासी ससुर आलोक को सूचना दी। आलोक भी मौके पर आए और काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे। दरवाजा न खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। चकेरी थाने के कार्यवाहक प्रभारी रिजवान ने बताया कि बीमारी के चलते मौत होने का अंदेशा है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।