सोमवती अमावस्या पर की पूजा अर्चना
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कानपुर में सावन माह की सोमवती अमावस्या पर्व को भक्तों ने धूमधाम से मनाया। कानपुर में गंगा किनारे बिठूर, सरसैया, जाजमऊ, गोला घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई। भक्तों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं को रोकने के लिए लगी पुलिस नाकाम रही। लोग किसी तरह से गंगा में स्नान करने के लिए पहुंच ही गए। घाट पर श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान के साथ बोल-बम का जयकारा लगाया।
कोरोना महामारी के चलते श्रावण मास में पहली बार क्षेत्र के शिवालयों में सन्नाटा पसरा रहा। मंदिरों में प्रतिदिन की भांति आरती, श्रृंगार व भोग पूजन करके पट बंद किए गए। सावन माह के तीसरे सोमवार को विशेष सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बना है। श्रद्धालुओं ने घरों व गंगा घाटों पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर बेल पत्र व धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव का अभिषेक किया। क्षेत्र के शिवालयों में बाबा के मंत्रोच्चार गूंजते रहे।
कानपुर सहित आसपास के 13 जिलों में सोमवती अमावस्या पर कोरोना की पाबंदियां कहीं श्रद्धालुओं पर भारी तो कहीं हल्की नजर आईं। घाटों पर जा कर श्रद्धालुओं ने खूब गंगा स्नान किया। चित्रकूट में सावन माह की सोमवती अमावस्या पर कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों के पट बंद होने और पुलिस तैनात होने के बावजूद हजारों श्रद्धालु धर्म नगरी पहुंचे। मंदाकिनी में डुबकी लगाने के बाद बंद मंदिरों के बाहर से ही दर्शन कर कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा लगाई। महिलाओं ने बरगद व पीपल के वृक्ष की पूजा की।