एक दिन पहले शून्य के करीब पहुंचा पारा अब 1.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार हवाओं की दिशा बदली है। उत्तरी पूर्वी हवाएं चलने से इस हफ्ते तापमान बढ़ने की संभावना है, पर हवाओं की दिशा फिर से बदली तो दिन का तापमान गिर जाएगा।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया दिन का पारा 21.0 से बढ़कर 22.8 और रात का पारा 0.8 से बढ़ कर दोबारा 1.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह की आर्द्रता (नमी) भी 85 से बढ़कर 97 फीसदी हो गई। दोपहर की आर्द्रता 35 फीसदी रही।
भूल जाएं सुबह का स्नान, टहलना भी छोड़ें
कानपुर। कड़ाके की ठंड में पूजा और इबादत का जुनून बुजुर्गों पर भारी पड़ने लगा है। पूजा करते समय ठंड के कारण ब्रेन स्ट्रोक से हाथ की थाली गिर रही है तो इबादत करने वाले हार्ट अटैक से अस्पताल पहुंच जा रहे हैं।
हैलट, कॉर्डियोलॉजी में बुजुर्गों को लेकर पहुंचने वाले ज्यादातर तीमारदार डॉक्टर को बता रहे हैं कि सुबह नहाने के बाद पूजा कर रहे थे कि बेसुध होकर गिर पड़े। डॉक्टर नाराज होते हैं तो तीमारदार कहते हैं कि क्या करें, बुजुर्ग ठंड के बाद भी सुबह बिना नहाए व पूजा किए मानते ही नहीं हैं। ठंड का ज्यादा असर दिल के पुराने मरीज और डायबिटीज रोगियों पर ठंड का असर ज्यादा पड़ने लगा है।
ठंड से मछलियों में लाल दाने रोग
कानपुर देहात। गिरता तापमान मत्स्य पालकों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। कड़ाके की ठंड से तालाबों में पली मछलियों में लाल दाने (इपीजोटिक अल्सरेटिव सिंड्रोम इंसिस) का खतरा बढ़ गया है।
कानपुर देहात, मत्स्य पालन विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. रणजीत सिंह ने बताया कि अधिक ठंड पड़ने पर सुबह और शाम मछली के हाव-भाव का भी अध्ययन अवश्य करें।
जाड़े के मौसम मेें इस बात का खास ध्यान रहे कि नहरों का पानी तालाब मेें न आने दें। नहरों का पानी संक्रमित व हानिकारक होता है। बीमारी से बचाव के लिए मत्स्य पालक पोटेशियम परमैगनेट का दो प्रतिशत घोल का छिड़काव तालाब में कर सकते हैं। साथ ही चूना, सीफ्लैक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ट्रेन में ठंड लगने से यात्री बीमार
कानपुर। सफर के दौरान ठंड लगने से मंगलवार को कई लोग बीमार हो गए। गोरखपुर एक्सप्रेस से गोरखपुर जा रहे समीर के 10 माह के बेटे को ठंड के चलते उल्टी-दस्त शुरू हो गई।
उन्होंने फौरन कोच अटेंडेंट के जरिए इसकी सूचना रेल अफसरों को दी। ट्रेन के सेंट्रल स्टेशन पहुंचने पर रेलवे की डॉ. शोभा ने बच्चे को देखा। प्राथमिक उपचार के बाद उसे केपीएम अस्पताल रेफर कर दिया।
शताब्दी पौन घंटा लेट
कानपुर। कोहरे का असर ट्रेन के संचालन पर पड़ रहा है। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस दिल्ली से चलकर सुबह 11ः20 बजे सेंट्रल स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर-सात पर आती है। यह ट्रेन दोपहर करीब 12 बजे आई। इसी तरह कोटा पटना 11 घंटे, बरेली से मुरादाबाद जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस सात घंटे. जम्मू तवी मूरी एक्सप्रेस सात घंटे लेट रहीं। वहीं सीमांचल एक्सप्रेस, फर्रूखाबाद पैसेजर, कालका एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें समय से दो से 16 घंटे देरी से चल रही हैं।