वाणिज्यकर विभाग के सचल दल और एसआईबी टीम ने मंगलवार को पान पराग ग्रुप के दादानगर स्थित बेवरेज वॉटर फिलिंग सेंटर पर छापामार कार्रवाई कर जांच की। यहां पानी की बोतल, कैन और पाउच पैक होते मिले।
करीब 20 लाख रुपये का माल मौके पर पाया गया। टीम ने मौके से संबंधित दस्तावेज, सप्लाई और बिक्री के रिकार्ड जब्त कर लिए हैं। इनका वाणिज्यकर विभाग में जमा किए गए प्रपत्रों और दिए गए टैक्स से मिलान किया जाएगा।
वाणिज्यकर कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने शहर के 14 पानी कारोबारियों की लिस्ट एडिशनल कमिश्नर को सौंपी थी। कहा कि करोड़ों रुपये कमाने वाले कारोबारी विभाग को मात्र दो चार हजार रुपये टैक्स दे रहे हैं।
ज्वाइंट कमिश्नर (एसआईबी) केकेके गौतम के निर्देशन में डिप्टी कमिश्नर विजय यादव और असिस्टेंट कमिश्नर संदीप वर्मा की टीम ने दादानगर फिलिंग सेंटर पर छापा मारा।
यहां बड़े पैमाने पर पानी पैकिंग का काम होता पाया गया जबकि दस्तावेजों में यह काम बहुत छोटे स्तर पर दर्शाया गया था। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि टीम ने मौके से मिले दस्तावेजों को जब्त कर लिया है।
दीपक कोठारी के हैदराबाद में नौ करोड़ सरेंडर
कानपुर। सागर गुटखा के मालिक दीपक कोठारी के हैदराबाद में नौ करोड़ रुपये की और अघोषित संपत्ति का खुलासा हुआ है। इनके हैदराबाद स्थित आवास और सागर गुटखा के ऑफिस में मिले दस्तावेजों की जांच चल रही है।
माना जा रहा है कि अभी और अघोषित संपत्ति का पता चल सकता है। कानपुर से जुड़े उद्यमी पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी ने बताया कि दीपक कोठारी ने नौ करोड़ की अघोषित संपत्ति को स्वीकार किया है।
आयकर विभाग के सूत्रों ने पहले ही बता दिया था कि होटल लैंडमार्क के मालिक विकास मेहरोत्रा सागर गुटखा के मालिक दीपक कोठारी उनके पार्टनर ट्रांसपोर्ट कारोबारी प्रवीण जैन की कुल अघोषित संपत्ति 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि विकास मेहरोत्रा ने सबसे ज्यादा शराब और प्रॉपर्टी के बिजनेस में पैसा कमाया है। वहीं दीपक कोठारी का हैदराबाद में गुटखा का बड़ा कारोबार है। मुंबई में भी बेशकीमती प्रॉपर्टी है। यहां भी कई बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। लैंड मार्क होटल में मिले लॉकरों की अभी जांच होनी है।