पुराने भाजपाई और टिकट के दावेदार निराश
कमल के फूल वाले कई नेता फूले घूम रहे हैं। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की दूसरी सूची से पुराने भाजपाई और टिकट के दावेदार निराश हैं, फिर भी पार्टी हित का हवाला देकर दमखम से चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। हालांकि अंदर-अंदर ही विरोध की चिंगारी सुलग रही है।
तमाम भाजपा नेता अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से टिकट मांग रहे थे। कानपुर उत्तर जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी और पिछली बार चुनाव लड़े विवेकशील शुक्ला किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे। विवेकशील को केंद्रीय मंत्री उमा भारती का करीबी बताया जाता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता नीरज चतुर्वेदी सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे। वह विधायक भी रह चुके हैं। इसके बावजूद पार्टी ने युवा नेता सुरेश अवस्थी को चुनाव मैदान में उतार दिया। बिठूर विधानसभा क्षेत्र से अजित तिवारी, रमेश वर्मा और दिनेश अवस्थी टिकट मांग रहे थे। अलग-अलग नेताओं के माध्यम से दम भी लगाया लेकिन टिकट नहीं पा सके। बिठूर से कुछ दिन पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाले अभिजीत सिंह सांगा को भाजपा ने प्रत्याशी बना दिया है। बसपा छोड़कर भाजपा में आने वाले राज नारायण कुरील घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे। वह जिला पंचायत सदस्य भी हैं। उपेंद्र पासवान भी लगे थे। भाजपा के पूर्व विधायक राकेश सोनकर बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे लेकिन पार्टी ने भगवती सागर पर भरोसा जताया है। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज मिश्रा, बृजेश तिवारी और दीप अवस्थी टिकट मांग रहे थे लेकिन पूर्व मंत्री प्रेमलता कटियार अपनी बेटी नीलिमा कटियार को टिकट दिलाने में कामयाब रहीं।
भाजपा का दलबदलुओं पर दांव
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 155 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की है। इसमें कानपुर नगर और कानपुर देहात में भाजपा ने दलबदलुओं पर भरोसा जताया है। छह प्रत्याशी ऐसे हैं, जो कांग्रेस या बसपा छोड़कर भाजपा में आए हैं और टिकट पा गए। हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले अभिजीत सिंह सांगा को भाजपा ने बिठूर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे भगवती सागर को बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) से भाजपा प्रत्याशी बनाया गया है। किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र से महेश त्रिवेदी को प्रत्याशी बनाया गया है जो बसपा से विधायक और मंत्री रह चुके हैं। अब वे भाजपा में हैं। कानपुर देहात के अकबरपुर रनियां से भाजपा प्रत्याशी बनीं प्रतिभा शुक्ला भी बसपा छोड़कर भाजपा में आई हैं। वह 2007 का विधानसभा चुनाव बसपा के टिकट से जीती थीं। पति अनिल शुक्ला वारसी बसपा से सांसद रहे हैं। अब दोनों भाजपा की राजनीति कर रहे हैं। रसूलाबाद (सुरक्षित) से भाजपा प्रत्याशी बनाई गईं निर्मला संखवार भी पहले बसपा से चुनाव लड़ चुकी हैं। बसपा ने उन्हें घाटमपुर और रसूलाबाद से प्रत्याशी बनाया था। अब वे भाजपा से ताल ठोंक रही हैं। इसी तरह सिकंदरा से मथुरा पाल को प्रत्याशी बनाया गया है। मथुरा पाल भी बसपा छोड़कर भाजपा में आए थे।