शहर में 143 सोलर पैनल के उपभोक्ता, नेट मीटर से सीधे ग्रिड से जुड़े, सौर ऊर्जा प्लांट से न सिर्फ शहरवासियों नेे बिजली बचाने की आदत डाली बल्कि इस प्लांट से उनका धन भी बच रहा है। फैक्ट्रियों से लेकर घरों में सोलर पैनल लगाने वाले अधिकतर लोग फायदे में हैं।
रूफटॉप सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का वह इस्तेमाल कर रहे हैं। जरूरत से ज्यादा होने पर इसे ग्रिड को देते हैं। इसका हिसाब नेट मीटर से होता है। ग्रिड को दी जाने वाली बिजली की यूनिट केस्को के बिजली बिल से कम की जाती है। 143 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो नेट मीटर से सोलर पैनल का इस्तेमाल कर सीधे ग्रिड से जुड़े हैं।
पनकी में कानपुर प्लास्टिक पैक फैक्ट्री में 506 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है। रोजाना दो हजार यूनिट बिजली उत्पादित होती है। जरूरत 2800 यूनिट की है। दो हजार यूनिट बिजली का खर्च कम होने से हर महीने करीब साढ़े चार लाख रुपये बिजली बिल कम हुआ। कंपनी के उप प्रबंध निदेशक शशांक अग्रवाल ने बताया सोलर पैनल लगाने से उपभोक्ता को फायदे हैं।