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लोकसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर किए आपत्तिजनक मैसेज, तो जाएंगे जेल

Fri, 29 Mar 2019 11:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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लोकसभा चुनाव 2019 - फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव 2019 में सोशल साइट पर होने वाले प्रचार का खर्च तैयार करना नामुमकिन है। यह काम शिकायत के आधार पर संज्ञान लिए गए प्रचार के मैसेज पर ही हो सकता है। आपत्तिजनक मैसेज भी पकड़ना आसान नहीं होगा। 

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चुनाव आयोग ने सोशल साइट पर होने वाले प्रचार के खर्च को राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों के खाते में जोड़ने को कहा है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। इसमें एडीएम फाइनेंस, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, एसडीएम सदर सदस्य हैं।

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उप निदेशक सूचना सदस्य सचिव हैं। व्हाट्स ऐप, फेसबुक पर होने वाले प्रचार का खर्च बनाना आसान नहीं है। व्हाट्स ऐप ग्रुपों पर कोई तभी नजर रख सकता है जब उससे जुड़ा हो। एडमिन जब तक किसी को ग्रुप से जोड़ेंगे नहीं तब तक ग्रुप में चल रहे मैसेज की कोई जानकारी किसी को नहीं हो सकती है।

जिलाधिकारी ने मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इसमें प्रतिनिधियों ने कहा था कि टेक्स्ट मैसेज भेजने का ब्योरा तो वह बता सकते हैं लेकिन फेसबुक और व्हाट्स ऐप के मैसेज का ब्योरा देना संभव नहीं है।

ऐसे में किसी की शिकायत पर ही फेसबुक और व्हाट्स ऐप पर होने वाला प्रचार या वायरल होने वाले आपत्तिजनक मैसेज पकड़ में आ सकेंगे। एडीएम फाइनेंस वीरेंद्र पांडेय का कहना है कि आपत्तिजनक मैसेज पर पुलिस भी नजर रखेगी। सोशल साइट पर प्रचार का खर्च तैयार करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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