लोकसभा चुनाव 2019 में सोशल साइट पर होने वाले प्रचार का खर्च तैयार करना नामुमकिन है। यह काम शिकायत के आधार पर संज्ञान लिए गए प्रचार के मैसेज पर ही हो सकता है। आपत्तिजनक मैसेज भी पकड़ना आसान नहीं होगा।
चुनाव आयोग ने सोशल साइट पर होने वाले प्रचार के खर्च को राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों के खाते में जोड़ने को कहा है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। इसमें एडीएम फाइनेंस, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, एसडीएम सदर सदस्य हैं।