एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) की लखनऊ टीम ने रविवार रात सेंट्रल स्टेशन के गेट नंबर-दो से हेरोइन तस्कर गजेंद्र सिंह वैस को गिरफ्तार किया है। गजेंद्र के पास से दो किलोग्राम हेरोइन, 13 हजार रुपये, दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पांच बैंकों के एटीएम व अन्य सामान बरामद हुआ है। पकड़ी गई हेरोइन की कीमत अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में दो करोड़ रुपये बताई गई है।
एसटीएफ एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि मूलरूप से कन्नौज के सौरिख का रहने वाला गजेन्द्र हाल के दिनों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ में रह रहा था। सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के सदस्य गोल्डन ट्राइएंगल (थाईलैंड, लाओस और म्यांमार) के साथ मिलकर गजेंद्र मणिपुर की राजधानी इंफाल के रास्ते कई प्रदेशों में हेरोइन की तस्करी कर रहा है।
पता चला कि वह नगालैंड के दीमापुर से हेरोइन लेकर दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से 8 जून को सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचेगा। इस पर एसटीएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने उसे दबोच लिया। उसके पास बैग में दो किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई।
एसएसपी के मुताबिक, पूछताछ में लखनऊ के जेडी नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिससे गजेंद्र 17 लाख रुपये पहले ले चुका था। उस तक हेरोइन पहुंचानी थी। गजेन्द्र ने बताया कि 2015 में कर्ज और घाटे के कारण टायर का कारोबार बंद करके वह भोपाल में मणिपुर के रहने वाले फकीर नामक व्यक्ति से मिला था, जिसने उनकी मुलाकात फिरोज से कराई थी। इसके बाद फिरोज के साथ मिलकर वह मादक पदार्थों की तस्करी करने लगा। जुलाई 2017 में गुवाहाटी पुलिस ने भी दो किलोग्राम हेरोइन संग उसे गिरफ्तार किया था।