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Kanpur News: पटाखे का धुआं कमजोर फेफड़े वालों के लिए है खतरनाक, रहे सतर्क

Sun, 12 Nov 2023 12:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जिले में कोरोना से संक्रमित हो चुके लोगों को पटाखों से परहेज करना होगा। पटाखे का धुआं हवा को दूषित कर देता है। इस वजह से उनकी समस्या बढ़ सकती है। इसके लिए उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।
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जिला अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन डॉ. अजय प्रताप सिंह ने बताया कि कोरोना का प्रभाव सबसे ज्यादा फेफड़ों पर पड़ता है। इस वजह से संक्रमितों के फेफड़े कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में धुआं उनके लिए जहर साबित होगा। ऐसे मरीजों को सांस फूलने की समस्या बढ़ने पर उन्हें अस्पताल तक में भर्ती होना पड़ सकता है। डॉ. अजय ने लोगों से अपील की कि कमजोर फेफड़े, अस्थमा के मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए पटाखों से धुएं से बचना चाहिए।
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मास्क पहने और शाम को घर से निकलने से बचे
चेस्ट फिजीशियन डॉ. अजय प्रताप का कहना है कि गांवों में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों ने जांच नहीं कराई थी। मेडिकल स्टोर से दवा लेकर वह ठीक हो गए थे। डॉक्टर का कहना है कि कोरोना प्रभावित रहे लोगों को नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करें और धुएं से दूर रहें। उन्होंने बताया कि दीपावली के समय प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे सांस से जुड़े मरीजों को घर के अंदर ही रहना चाहिए।
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इमरजेंसी में मरीज से लेकर दवा तक की गई व्यवस्था

शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में चलने वाली इमरजेंसी में सांस से जुड़े और जले हुए मरीजों को अलर्ट रखा गया है। सीएमओ ने सीएचसी के नोडल अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि सभी व्यवस्था पूरी कर लें, लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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तेज आवाज के पटाखे न छुड़ाएं
ईएनटी डॉ. आरके चौबे ने लोगों से अपील कि ज्यादा तेज आवाज के पटाखे न छुड़ाएं, क्योंकि यह कान के लिए बहुत हानिकारक हो सकते हैं। कई बार तेज आवाज से पर्दा फटने का भी डर रहता है। पटाखे दागते समय विशेष सावधानी बरते, अधिक धुआं व तेज आवाज से पटाखों से बचे।


पटाखा फेफड़ों में डालता गलत प्रभाव

जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डाॅ. प्रतीक सक्सेना ने बताया कि कई तरह के रसायनों को मिलाकर पटाखा बनाया जाता है। यह फेफड़ों पर गलत प्रभाव डालता है। पटाखों की वजह से बीपी के मरीजों को भी समस्या होती है। इसके साथ खान, पान पर भी विशेष ध्यान रखना होगा। मिलावटी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करने से हाजमा खराब हो सकता है। बाजार की तली चिकनी व मिलावटी चीजें खाने से फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है। खाने में विशेष सावधानी बरते।

आंख में घाव हो तो पहुंचे अस्पताल
जिला अस्पताल के आई सर्जन डॉ. जयवर्धन ने बताया कि पटाखा फोड़ते वक्त अपनी आंख का ख्याल रखें। कई बार पटाखे से निकला कंकड़ आंख में जाकर घाव कर देता है। ऐसी स्थिति में आंख को रगड़े नहीं, ठंडे पानी से तुरंत धाेएं और मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचकर उपचार कराना चाहिए।
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