कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने गुरुवार को बैठक के दौरान सभी विभागों से स्मार्ट सिटी के लिए सुझाव मांगे। अब तक की तैयारियों का जायजा लेने के बाद उन्होंने नौ नवंबर को पुन: बैठक बुलाई है।
उसमें स्मार्ट सिटी का डीपीआर तैयार कर रही कंसल्टेंट कंपनी के अफसरों को भी बुलाया है। योजना की समीक्षा के लिए नोडल अधिकारी की देखरेख में कमेटी बनाने के भी निर्देश दिए।
कमिश्नर के अनुसार स्मार्ट सिटी की योजना के तहत 15 दिसंबर से पहले शासन को रिपोर्ट भेजी जानी है। स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव में क्या - क्या शामिल किया जाए, इस पर भी नगर निगम और केडीए अध्ययन करे और ऐसी योजनाएं शामिल की जाएं, जिनसे स्मार्ट सिटी के साथ ही शहरवासियों को फायदा मिले।
यह भी कहा कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा धन देगी। राज्य सरकार भी धन देगी। नगर निगम को स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि स्मार्ट सिटी में पर्याप्त जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति, सफाई, गतिशीलता, परिवहन व्यवस्था के साथ ही पर्यावरण पर भी ध्यान देना है।
स्मार्ट सिटी के निर्माण में नई तकनीक अपनानी है। यह भी निर्देश दिए कि अधिकारी आपस में चर्चा करें कि स्मार्ट सिटी के लिए क्या योजना होनी चाहिए। अगली बैठक में स्मार्ट सिटी के रिट्रोफिटिंग, रीडेवलपमेंट, पैनसिटी योजना भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उधर, मॉडर्न सिटी विकसित करने को मुख्य सचिव की स्वीकृति के लिए दीपावली के बाद बैठक होगी।
अफसरों का कहना है कि अब दीपावली के बाद मुख्य सचिव इस संबंध में बैठक करेंगे। बैठक में डीएम कौशलराज शर्मा, केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज, नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह कुशवाहा, एसपी (ट्रैफिक), केस्को के अफसर शामिल रहे।
स्मार्ट सिटी के लिए बताएं सबसे बड़ी समस्या
स्मार्ट सिटी में टॉप-10 समस्याओं को प्राथमिकता पर हल करने के लिए गुरुवार को नगर निगम की वेबसाइट पर ओपिनियन पोल कॉलम शुरू किया गया है। कनपुरियों से सबसे बड़ी मूलभूत समस्या पूछने की व्यवस्था एक - दो दिन बाद केंद्र सरकार की वेबसाइट पर शुरू हो जाएगी। कानपुर समेत देश के 98 शहर स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल हैं।
दौड़ में आगे रहने के लिए नगर निगम अपनी वेबसाइट पर सुझाव बॉक्स के माध्यम के कनपुरियों से सुझाव मांग रहा है। गुरुवार को इसी साइट पर ओपिनियन पोल कॉलम शुरू हो गया। इसमें पेयजल से लेकर नदी संरक्षण सहित 10 बिंदुओं का उल्लेख है।
नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह कुशवाहा के अनुसार ओपिनियन पोल पर लोग शहर की सबसे बड़ी समस्या तो बता ही सकते हैं, उनकी नजरों में जो अन्य नौ समस्याएं या सुझाव हैं, उनका क्रमवार उल्लेख कर सकते हैं। केंद्र सरकार की वेबसाइट mygov पर शहर की सबसे बड़ी समस्या पूछने का कॉलम बनाने के लिए यहां से तैयारी कर प्रस्ताव भेज दिया गया है।