उर्सला और हैलट अस्पताल में इलाज के अभाव में तड़पकर एक अधेड़ और एक युवक ने दम तोड़ दिया। उर्सला इमरजेंसी के सामने पड़ा युवक गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक इलाज के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन ‘धरती के भगवान’ यानी डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया और उसकी मौत हो गई।
इसी तरह अधेड़ भी हैलट में एसआईसी कार्यालय के सामने ‘मर’ चुके सिस्टम से जिंदगी मांगता रहा और उसकी सांसें टूट गईं। यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि उर्सला इमरजेंसी के सामने तड़प रहे मरीज पर आते-जाते लोगों का दिल भी नहीं पसीजा। लोग रुक-रुक कर तमाशा-सा देखते रहे और बढ़ते रहे। संवेदनाएं लगता है मर गईं।
गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक गिड़गिड़ाया
करीब 25 साल का युवक गुरुवार रात को घिसटते हुए उर्सला इमरजेंसी के सामने पहुंचा। वह शुक्रवार सुबह तक इलाज के लिए गुजारिश करता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवक के पैर में चोट थी और वह दर्द से कराह रहा था। इलाज के लिए हाथ जोड़ रहा था तो लोग भिखारी समझकर उस पर रुपये फेंक रहे थे।
शुक्रवार सुबह करीब 11:20 बजे एक व्यक्ति ने वार्ड ब्वाय से युवक को इमरजेंसी पहुंचाने को कहा तो उसने मना कर दिया। इसके बाद उस व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर युवक को इमरजेंसी पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उर्सला के डायरेक्टर डॉ. अनुराग कुमार राजवंशी ने युवक की मौत पर ही अनभिज्ञता जता दी। बाद में पूरी जानकारी देने पर उन्होंने कहा कि वह शनिवार को मामले की जानकारी करेंगे। रात और दिन में तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों से जानकारी ली जाएगी।
दौड़-दौड़ के थक गया, मर गया
हैलट के प्रमुख अधीक्षक (एसआईसी) कार्यालय के सामने चबूतरे पर एक अधेड़ घंटों पड़ा रहा। उसके मुंह में चीटी जाने लगीं लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। कुछ लोगों ने इसकी जानकारी कर्मचारियों को दी। कर्मचारियों ने एसआईसी डॉ. आरसी गुप्ता को सूचना दी तो उन्होंने इमरजेंसी से वार्ड ब्वाय बुलाकर अधेड़ को भिजवाया।
इमरजेंसी में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। उसके पास से दो आईड्रॉप और एक पर्ची मिली है। पर्ची पर हैलट मेडिसिन ओपीडी के नंबर लिखे हैं। माना जा रहा है कि अधेड़ को पहले आंख में दिक्कत थी। बाद में कुछ और समस्या होने पर उसे मेडिसिन के डॉक्टरों को दिखाने की सलाह दी गई होगी।
एसआईसी ने कहा कि अधेड़ कब से पड़ा था इसकी जानकारी नहीं है। उन्हें जैसे ही सूचना मिली तुरंत उसे इमरजेंसी भेजा गया लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई।