मोदी की रैली में भारी भीड़ का गवाह बना कानपुर निरालानगर रेलवे ग्राउंड मैदान 22 दिसंबर तक युवाओं के लिए उनके भविष्य का मार्गदर्शक बना है। कौशल और उद्यमिता विकास मंत्रालय के कौशल और उद्यमिता विकास निगम की ओर से यहां प्रदर्शनी लगाई गई है। मंगलवार को प्रदर्शनी में युवाओं की भारी भीड़ रही। परिसर के 14 स्टालों में करीब 8000 युवाओं ने अपनी जिज्ञासा शांत की। 900 युवाओं ने विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।
यहां लगे सभी स्टाल एसएससी (सेक्टर स्किल काउंसिल) से मान्यता प्राप्त हैं। मंगलवार को इन स्टालों पर युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रोफेशनल ट्रेड में ट्रेनिंग और उसके बाद रोजगार, स्वरोजगार के बारे में जानकारी दी जाती रही। शहर के युवाओं के पास अपने हुनर को पहचानने और ट्रेनिंग लेकर रोजगार से जुड़ने का यह सुनहरा मौका है। अलग-अलग ट्रेडों के लिए प्रशिक्षण की अवधि छह माह तक की है। सिलाई मशीन चलाने का प्रशिक्षण महज तीन घंटे का है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम फ्री हैं।
ट्रेडों में रजिस्ट्रेशन के तीन तरीके
1- प्रदर्शनी स्थल पर फॉर्म भरकर।
2-‘स्किल अप’ एप डाउनलोड करें। उस पर मौजूद फार्म भरें। व्यक्तिगत जानकारियों के साथ किस ट्रेड में ट्रेनिंग लेनी है यह भी बताना होगा।
3-टोल फ्री नंबर 8800055555 पर काल करके पूरी जानकारी ली जा सकती है। यहां आपको यह भी बताया जाएगा कि आपको जिस ट्रेड में ट्रेनिंग लेनी है उसका सेंटर कहां है।
रजिस्ट्रेशन के फायदे
मंत्रालय की योजना के अनुसार रजिस्ट्रेशन करा चुके युवाओं को उनके इच्छित स्थान पर चल रहे पीएमकेवीवाई (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना) या पीएमकेके (प्रधानमंत्री कौशल केंद्र) से जोड़ा जाएगा। ट्रेनिंग प्राप्त युवाओं को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। निजी क्षेत्र की कंपनियों के माध्यम से इन युवाओं को नौकरी का प्रयास किया जाएगा।
इतने ट्रेड उपलब्ध
रिटेल सेक्टर- रिटेल सेक्टर को आने वाले समय में सर्विस इंडस्ट्री का सबसे ज्यादा नौकरी दिलाने वाला सेक्टर माना जा रहा है। इसमें दुकानों, मालों की देखरेख, स्टाक का रखरखाव, हास्पिटैलिटी आदि की ट्रेनिंग दी जाती है। कोर्स के प्रकार -421 देश में ट्रेनिंग सेंटर-11 अब तक ट्रेनिंग प्राप्त युवा-1 लाख आने वाले 5 सालों में नौकरियां-1.74 करोड़
जेम्स एंड ज्वैलरी- इस ट्रेड को ‘सुनारी’ भी कहा जाता है। ट्रेनिंग में काम करने की मशीनों से लेकर तकनीक तक की जानकारी दी जाती है। महाराष्ट्र, गुजरात की बड़ी कंपनियों के लोग जुड़े हैं। कोर्स के प्रकार कोर्स-86 देश में ट्रेनिंग सेंटर - 53 अब तक ट्रेनिंग प्राप्त युवा-1.11 लाख आने वाले 5 सालों में नौकरियां-8 लाख
ऑटोमोटिव- बाइक, कार के मरम्मत समेत ड्राइवर की ट्रेनिंग दी जाती है। प्रमाणपत्र दुनिया के कई देशों में मान्य होगा। प्रदर्शनी स्थल पर कंप्यूटर सिमुलेटर द्वारा ड्राइविंग टेस्ट हो रहा है। इस एसएससी (सेक्टर स्किल काउंसिल) के चेयरमैन ऑटो क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हीरो के नवीनकांत मुंजाल हैं। कई कंपनियां कई तरह के कोर्सों की ट्रेनिंग दे रही हैं। उपलब्ध कोर्स-188 ट्रेनिंग सेंटर-180
ट्रेनिंग प्राप्त-2.5 लाख आने वाले 5 सालों में नौकरियां-25 लाख
ब्यूटी एंड वेलनेस- निगम ने ब्यूटी एंड वेलनेस को महत्वपूर्ण एसएससी माना है। तीन महीने का कोर्स है। ब्यूटीशियन, हेयर एक्सपर्ट और काउंसलर बना जा सकेगा। नामी ब्यूटीशियन और वेलनेस एक्सपर्ट वीएलसीसी कंपनी की वंदना लूथरा को इस एसएससी का चेयरपर्सन बनाया गया है। उपलब्ध कोर्स-47 ट्रेनिंग सेंटर-273 ट्रेनिंग प्राप्त-1.41 लाख आने वाले 5 सालों में नौकरियां-10 लाख
टूरिज्म एंड हास्पिटैलिटी
शेफ, वेटर, स्टुवर्ड, रूम सर्विस जैसी कई नौकरियों के लिए ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जा रही है। सड़क पर खाने-पीने की चीजों का स्टाल लगाने वाले लोगों के लिए विशेष ट्रेनिंग का इंतजाम है। उपलब्ध कोर्स-195 ट्रेनिंग सेंटर-63 ट्रेनिंग प्राप्त-1.05 लाख आने वाले 5 सालों में नौकरियां-5 लाख
एग्रीकल्चर
इसमें नौकरियां तो बहुत नहीं हैं, लेकिन कृषि के उन्नत उपायों को अपना कर अधिकतम लाभ प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। इसके एक कोर्स में बागवानी की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें नौकरियों की संभावना है। उपलब्ध कोर्स-333 ट्रेनिंग सेंटर-132 ट्रेनिंग प्राप्त-2.63 लाख आने वाले 5 सालों में नौकरियां-3.8 लाख
हैंडीक्रॉफ्ट्स- कालीन, चादर बुनाई से लेकर हथकरघे के इस्तेमाल से बनाए जाने वाले सामान की ट्रेनिंग इस एसएससी से जुड़ी कंपनियों द्वारा दी जाती है। उपलब्ध कोर्स-76 ट्रेनिंग सेंटर-117 ट्रेनिंग प्राप्त-1860 आने वाले 5 सालों में नौकरियां- 50,000
हेल्थकेयर- अस्पतालों, जांच केंद्रों में पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, टेक्निशियनों की ट्रेनिंग विभिन्न कोर्सों में दी जाती है। उपलब्ध कोर्स-171 ट्रेनिंग सेंटर-28 ट्रेनिंग प्राप्त-1.45 लाख आने वाले 5 सालों में नौकरियां- 5 लाख
प्लंबरिंग- खाड़ी देशों में भारत से प्लंबर जाते हैं। जिन लोगों ने प्लंबिंग का काम किया है, उनको ट्रेनिंग देकर नए उपकरणों और आधुनिक एसेसरीज से काम करने लायक बनाया जाता है।
उपलब्ध कोर्स-94- ट्रेनिंग सेंटर-25- ट्रेनिंग प्राप्त-35000- आने वाले 5 सालों में नौकरियां-12 लाख