कानपुर देहात। जनपद में कौशल विकास योजना के तहत संचालित पाठ्यक्रमों की तीन वर्षों से परीक्षा नहीं हुई है। इसके कारण प्रमाणपत्र के अभाव में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार पाने में कठिनाई हो रही है।
मिशन के एमआईएस प्रबंधक कौशल साहू ने बताया कि प्रशिक्षण का समय बढ़ने के कारण परीक्षाएं अभी नहीं हुई हैं। बिना डिग्री या प्रमाणपत्र के हुनर पर आजीविका के लिए कौशल विकास योजना थी। इसके तहत लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने के बाद परीक्षा कराई जाती है। संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाता है। इससे वे किसी भी संस्थान में कुशल श्रमिक के रूप में रोजगार कर सकते हैं।
योजना के तहत वायरिंग, प्लंबिंग, नलसाजी, विभिन्न प्रकार के मिस्त्री और दर्जी जैसे व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाता है। पिछले तीन वर्षों से न तो परीक्षा आयोजित हुई और न ही प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र ही मिल सका। वर्ष 2023-24 में 1308, वर्ष 2024-25 में 49 और वर्ष 2025-26 में 150 प्रशिक्षुओं ने कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, लेकिन परीक्षा न होने व प्रमाणपत्र न मिलने से इन्हें रोजगार प्राप्त करने में समस्या हो रही है।
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चार वर्षों में 1894 युवाओं को मिला रोजगार
जिले में चार वर्षों के दौरान कौशल विकास योजना के माध्यम से 1894 युवाओं को रोजगार मिला। इसमें वर्ष 2022-23 में 1145 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न कंपनियों में रोजगार प्राप्त किया है। जबकि वर्ष 2023-24 में 652 व वर्ष 2024-25 में 37 युवाओं को रोजगार मिल सका, वहीं वर्ष 2025-26 के प्रशिक्षुओं तो अभी भी रोजगार की तलाश है। विभाग के अनुसार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को अभी तक परीक्षा न होने की वजह से प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है। इन्हें इनके कौशल के अनुसार विभिन्न कंपनियों में रोजगार उपलब्ध करा दिया गया है।
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परीक्षा के लिए 70 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
कौशल विकास के एमआईएस प्रबंधक कौशल साहू ने बताया कि लक्ष्य के अनुरूप युवा प्रशिक्षण के लिए आते हैं, लेकिन परीक्षा के समय संख्या काफी कम हो जाती है। कारण 70 प्रतिशत उपस्थिति का अनिवार्य मानदंड है। यदि किसी प्रशिक्षु की उपस्थिति 70 फीसदी से कम होती है तो वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता। इसी कारण सफलता का प्रतिशत भी प्रभावित होता है। हालांकि नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेने वाले प्रशिक्षु कुशल बनते हैं और परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रमाणपत्र प्राप्त करते हैं।