डॉ. सचान ने सुफला के अलावा एक और बैगन की प्रजाति उगाने में सफलता पाई है। हरे रंग का यह बैगन लौकी के साइज का है। उन्होंने बताया कि हरे रंग का बैगन बुंदेलखंड में साल भर उगता है।
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एक दूसरी प्रजाति पूसा पर्पल लांग का फल एक फुट तक लंबा होता है। इन दोनों प्रजातियों को क्रास कराने से नई प्रजाति बनी। इसका नाम हरीश बुंदेला रखा है। लंबाई के गुण पूसा पर्पल और हरापन बुंदेलखंडी बैंगन से मिला है। यह पौधा साल भर फल देता है।
मुफ्त उपलब्ध कराएंगे पौधे
डॉ. सचान ने कहा कि समाज की भलाई के लिए ही यह शोध जारी हैं। इनका फायदा समाज को मिले तभी यह सार्थक होंगे। आम लोगों और किसानों को इन प्रजातियों के पौधों और बीजों को पेटेंट कराने के बाद निशुल्क रूप से वितरित कराएंगे। गांव-गांव जाकर वितरण कार्यक्रम करेंगे।