कानपुर में छह साल के मासूम बच्चे को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। आरोपी ने उसे हाथ पैर बांधकर पार्क में फेंक दिया। ग्वालटोली पुलिस ने 18 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी के मामले में जेल जा चुका है।
कानपुर के ग्वालटोली थानाक्षेत्र में 18 वर्षीय पड़ोसी ने घर के बाहर खेल रहे छह साल के मासूम को चाकलेट देने के बहाने पार्क में लेकर जाकर कुकर्म का प्रयास किया। विरोध पर उसके साथ मारपीट की। जान से मारने की नियत से गमछे से उसका हाथ पैर बांधकर पार्क में फेंक दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस उसे गंभीर हालत में हैलट ले गई। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
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पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे देर शाम गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। ग्वालटोली निवासी युवक ने पुलिस को बताया कि उनका 6 वर्षीय भतीजा सोमवार शाम को घर के बाहर खेल रहा था। इसके बाद अचानक से लापता हो गया। देर रात सिटीमेट पार्क में मरणासन्न हालत में मोहल्ले के लोगों को पड़ा मिला।
उसके हाथ पैर गमछे से बंधा और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे और नाक से खून निकल रहा था। उसके कराहने की आवाज सुनकर मोहल्ले के लोगों ने उनके परिजन और ग्वालटोली थाने पर सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे उर्सला में भर्ती कराया।
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इस गंभीर मामले के बाद भी ग्वालटोली पुलिस ने कमिश्नरेट के बड़े अधिकारियों से मामले को छिपाया। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने निर्देश एडिशनल सीपी कानून व्यवस्था हरीश चंदर को दिए। एडिशनल सीपी ने डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी और एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार को अस्पताल जाकर बयान लेने के साथ ड़ॉक्टर से बातचीत कर आरोपी के गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
जिसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर आरोपी को घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले में मासूम के चाचा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, गालीगलौज, धमकी में रिपोर्ट दर्ज कर उससे पूछताछ कर रही है।
मोहल्ले वालों ने कुकर्म के विरोध में मारपीट की जताई आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार मोहल्ले वालों ने आशंका जताई है कि पकड़े गए आरोपी ने सोमवार को बच्चे को गलत नियत से पार्क में ले गया। मासूम के शोर मचाने पर पहले उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद मासूम का हाथ पैर बांध मुुंह में कपड़ा ठूंस दिया। उसे पास में पड़े पत्थर से जान से मारने का प्रयास किया, लेकिन पकड़े जाने की डर से वह वहां से भाग निकला।
पिता की मौत और मां के भागने पर आठ भाई-बहन हुए अनाथ
पुलिस ने जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जिस बच्चे से हैवानियत की गई है उसके पिता कि डेढ़ वर्ष पहले मौत हो गई थी। इसके बाद दो महीने पहले मां भी छोड़कर चली गईं। इसके चलते चार भाई और चार बहन अनाथ हो गए। आठ भाई बहन मोहल्ले वालों की रहम पर गुजर-बसर कर रहे हैं।