पुलिस के संरक्षण में चल रही थी अवैध शराब की फैक्ट्री
यूपी के कन्नौज में एक बार फिर वर्दी शर्मशार हुई है। दरअसल यहां के सिकंदर इलाके में बनी चौकी के संरक्षण में अवैध शराब का धेधा फलफूल रहा था। इस मामले में पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला............
पकड़ी गई अवैध शराब फैक्ट्री को पुलिस के संरक्षण की बात सामने आने पर एसपी ने सिकंदरपुर चौकी के पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया। इसमें चौकी प्रभारी, दरोगा और छह सिपाही हैं। अमर उजाला ने 8 अक्तूबर के अंक में इस गोरखधंधे को पुलिस के संरक्षण का खुलासा किया था।
स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआ व छिबरामऊ कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार व्यास ने 7 अक्तूबर की रात सिकंदरपुर चौकी से करीब 300 मीटर दूर अखिलेश मिश्रा के घर पर चल रहा शराब का अवैध कारखाना पकड़ा था। यहां से नगदी, देशी शराब से भरे 50-50 लीटर के 11 जरीकेन, 10 लीटर का वाटर कूलर, देशी शराब के खाली क्वार्टर, रैपर, उपकरण और यूरिया खाद बरामद की थी। अखिलेश कुमार समेत घर के सभी सदस्य फरार हो गए थे।
मामले की छानबीन में पुलिस अधिकारियों को पता चला कि इस गोरखधंधे को चौकी प्र्रभारी और पूरे स्टाफ का संरक्षण था। इस पर सोमवार को पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर ने तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी उमेश चंद्र चौरसिया, दरोगा शिव नरेश गुप्ता, सिपाही मकसूद अहमद, बबलू कुमार, मुकेश कुमार, सुनील कुमार, बलविंदर सिंह, रवि यादव को सस्पेंड कर दिया। एसपी ने बताया कि दीपावली पर मिलावटी शराब का धंधा तेज हो जाता है। अवैध शराब के खिलाफ गोपनीय ढंग से अभियान चल रहा है। इस धंधे को संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मी भी बच नहीं पाएंगे।