सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी व फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के छह सदस्यों को एसओजी ने गिरफ्तार किया है। भूतपूर्व सैनिक (पूर्व सभासद) फरार हो गया जबकि उसका साथी रिटायर्ड सैनिक पकड़ा गया है।
इनसे एक लैपटॉप, सात मोबाइल, फर्जी नियुक्ति पत्र, प्रवेश पत्र के अलावा कार व 13 हजार रुपये नगदी बरामद हुई है। फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला सिविल लाइन तिराहा तिर्वा कोठी निवासी जंडेल सिंह ने कोतवाली में 9 नवंबर को पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें कहा थी कि कार से आए इन लोगों ने अपने को सेना भर्ती बोर्ड का आफीसर बताया। एक युवक से सेना में भर्ती कराने के नाम पर आठ लाख रुपये मांग रहे थे। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने के नाम पर आरोपियों ने कई लोगों से दस-दस हजार रुपये भी जमा करवा लिए।
एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने खुलासे के लिए एसओजी प्रभारी जेपी शर्मा व कोतवाल जय प्रकाश पाल को लगाया। सर्विलांस के जरिए एसओजी व पुलिस ने अंबेडकर तिराहे से जनपद आगरा के थाना शाहगंज के गांव नरीपुरा खेरिया मोड़ निवासी गैंग लीडर भागेश, जनपद हाथरस थाना सैफऊ के गांव मड़ाका निवासी अजीत उर्फ लकी, रोहित उर्फ गुडू्डू, राजस्थान के जिला भरतपुर थाना रूपवास गांव दौलतपुर हाल निवासी दिल्ली के थाना मयूर त्रिलोकपुरी निवासी थान सिंह, दिल्ली के थाना शारदा के मोहल्ला रामनगर मानसरोवर निवासी अक्षय कुमार, कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला नौगवां कैंट निवासी रिटायर सैनिक मदन सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला सैनिक कालोनी नगला दीना निवासी भूतपूर्व सैनिक व पूर्व सभासद मलखान सिंह उर्फ तोपखाना फरार हो गया। पकड़े गए लोगों के पास से एक लैपटॉप, सात मोबाइल, दो फर्जी नियुक्त पत्र, छह फर्जी प्रवेश पत्र, नौ मार्कशीट, 15 निवास प्रमाण पत्र, 13 हजार रुपये व कार बरामद हुई। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया।