शिवनाथ की फाइल फोटो एवं रोते बिलखते परिजन
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चारपाई पर लेटे शिवनाथ के चारों ओर अचानक आग की बड़ी-बड़ी लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते शिवनाथ का पूरा शरीर भीषण आग की चपेट में आ गया और चीखते चिल्लाते हुए उसने दम तोड़ दिया। ये भयावह घटना हुई है यूपी के उन्नाव जिले में।
पुरवा उन्नाव कोतवाली क्षेत्र के कटहर गांव में घर के बाहर बंगले में आग लगने से वृद्ध जिंदा जल गया। साथ ही छह बकरियां भी आग की चपेट में आकर मर गईं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस व अग्निशमन विभाग को सूचना देने के साथ आग बुझाने में लग गए। घंटे भर की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। दमकल आग बुझने के बाद पहुंची।
बिहार थानाक्षेत्र के गांव मेड़ीलालखेड़ा निवासी शिवनाथ (60) लंबे समय से बीमार चल रहा था। दो महीने से शिवनाथ पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गांव कटहर में बेटी सुर्जकला पत्नी फूलचंद्र के यहां रह रहा था। सोमवार दोपहर उसकी तीन बेटियां सुमन, सुंदरी व केसरी बीमार पिता को देखने आई थीं। लगभग ग्यारह बजे सभी खाना खा रहे थे। घर के बाहर बंगले के नीचे शिवनाथ लेटा हुआ था। मौके पर आठ बकरियां भी बंधी थीं। तभी बंगले में अचानक आग गई। देखते ही देखते वृद्ध लपटों से घिर गया। पिता की चीख सुन बेटियां व अन्य परिजन घर के बाहर आए और शोर मचाने लगे। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सभी ने आग बुझाने का प्रयास करने के साथ ही दमकल व पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सौ नंबर पुलिस मौके पर पहुंची। बुरी तरह झलसे वृद्ध को अस्पताल ले जाया गया। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बेटी सुर्जकला ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया। घटना के करीब पंद्रह मिनट पहले सभी साथ बैठकर बातें कर रहे थे। कुछ देर बाद खाना खाने चले गए। तबी बंगले में आग लग गई। उसने बताया कि मृतक का बेटा देवेंद्र मुंबई में रहता है। पिता के मौत की सूचना उसे दे दी गई है। कोतवाली प्रभारी कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं आई है। आग लगने के कारणों का भी पता नहीं लग पाया है।