जूनियरों के मुताबिक सीनियर इतना प्रताड़ित करते हैं कि उनके सामने सिर उठाकर चलने की भी इजाजत नहीं है। छात्रों के सिर मुंडवा दिए हैं। गुड मार्निंग, गुड ईवनिंग, गुड ऑफ्टरनून विश न करने पर बेल्ट से पिटाई की जाती है। कपड़े तक उतरवा देते हैं।
सीनियरों को नहीं किसी का डर
कुछ जूनियर छात्र बताते हैं कि सीनियरों को किसी का डर नहीं है। न तो शिक्षक से डरते हैं और न ही प्रिंसिपल से। बेरोकटोक हॉस्टल में घुसते हैं। कभी भी किसी के कमरे में चले जाते हैं। कोई रोकता है तो उससे मारपीट तक कर डालते हैं।
कानपुर राजकीय पॉलिटेक्निक में सीनियरों द्वारा सिर मुंडवाए जाने के कारण आत्महत्या करने वाला जूनियर छात्र अभिषेक शर्मा दिवाली में अपने घर नहीं गया। साथी छात्रों के मुताबिक उसे लगता था कि घर और मोहल्ले में सब पूछेंगे कि सिर क्यों मुंडवाया तो वह क्या जवाब देगा। इसके बाद से वह गुमसुम भी रहने लगा था। दिवाली की छुट्टी में उसने हॉस्टल में ही रहने के लिए वार्डन से अनुमति मांगी थी, नहीं मिलने पर देवरिया में रहने वाले अपने दोस्त के घर चला गया था। वहां आठ दिन रुका लेकिन दोस्त के घर से 20 किलोमीटर दूर अपने घर (रामपुरखाना) नहीं गया। एक छात्र ने यह भी बताया कि उसने आत्महत्या से कुछ दिन पहले ही मां को फोन कर बताया था कि उसका यहां मन नहीं लग रहा है।
अभिषेक ने रविवार शाम करीब चार बजे हॉस्टल के बाथरूम में आत्महत्या की थी। इसके पहले करीब दो घंटे तक वह हॉस्टल से बाहर था। ऐसे में साथी इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि आखिर इन दो घंटों में ऐसा क्या हो गया कि उसे इतना बड़ा कदम उठा लिया।
सर, आंखों के सामने आता है उसका चेहरा
अभिषेक के साथ हॉस्टल में रहने वाले छात्र बड़े दुखी नजर आए। मन बदलने के लिए कुछ साथी छात्र कैंपस में टहलने लगे तो एक शिक्षक ने उन्हें हॉस्टल में जाने को कहा। इस पर छात्रों ने कहा कि सर, हॉस्टल जाते हैं तो उसका चेहरा सामने आ जाता है। पढ़ाई में भी मन नहीं लग रहा है। रात में तो बाथरूम जाने में भी डर लगता है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें पीने का स्वच्छ पानी भी नहीं मिलता। सीधे बोरिंग से आने वाला पानी पीना पड़ता है। इस कारण स्वाद भी अजीब लगता है। हॉस्टल में कभी सफाई नहीं होती, इस कारण मच्छरों का आतंक है। प्रिंसिपल आरके सिंह का कहना है कि पूरा कैंपस मेट्रो रेल की वजह से अस्तव्यस्त है। इसलिए थोड़ा परेशानी है। आरओ प्लांट के लिए स्वीकृति दे दी गई है। दो-तीन दिन में लग जाएगा।