कानपुर स्थित सीएसजेएमयू के लाखों छात्रों का विरोध देखते हुए आखिर विवि की परीक्षा समिति ने चैलेंज मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा और उसमें संशोधन करने का फैसला सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक में ले लिया है। चैलेंज मूल्यांकन की गड़बड़ प्रक्रिया के खिलाफ ‘अमर उजाला’ के साथ मिलकर छात्रों ने जो अभियान शुरू किया था, अब वो निर्णायक फैसले की तरफ बढ़ चुका है।
इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी पहले पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और उसके बाद उसमें संशोधन का प्रस्ताव तैयार करेगी। कमेटी में परीक्षा नियंत्रक एसएल पाल, सिस्टम मैनेजर सरोज द्विवेदी, अंशु यादव, प्रो. मुकेश रंगा भी शामिल हैं। इस मुद्दे को लेकर वीएसएसडी कॉलेज के विधि के छात्र रहे, अवधेश प्रताप सिंह व सोनी सोनकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी।
इसमें कोर्ट ने विवि प्रशासन से आठ सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने की। यहां रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक एसएल पाल, प्रो. संजय स्वर्णकार, प्रो. संजय श्रीवास्तव, प्रो. सुभाष अग्रवाल, कूटा के महामंत्री डॉ. विवेक द्विवेदी, डॉ. बृजेश यादव मौजूद रहे।
सीएसजेएमयू
14 नंबर बढ़ रहे थे, लेकिन नहीं बढ़ाया
सोनी सोनकर ने कोर्ट में बताया कि उन्हें परीक्षा में 75 में 29 अंक मिले थे। उन्होंने इसके खिलाफ चैलेंज मूल्यांकन के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें मूल्यांकन की गड़बड़ी सामने आई और करीब 14 नंबर तक बढ़ रहे थे, लेकिन लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए नंबर बढ़ाने से इंकार कर दिया। विवि प्रशासन का नियम है कि चैलेंज मूल्यांकन में उन्हीं छात्रों के नंबर बढ़ाए जाएंगे जिनकी उत्तर पुस्तिका में पूर्णांक के 15 प्रतिशत से ज्यादा अंक बढ़ेंगे।
ये हुए फैसले
- समिति ने बैक पेपर, बीएड द्वितीय वर्ष परीक्षा जैसे कई मुद्दों पर मुहर लगा दी है।
- समिति ने चौधरी इंदल सिंह महाविद्यालय, गुरसहायगंज कन्नौज के 33 छात्र और स्नेहलता गुप्ता कॉलेज के एक छात्र, जो तय अवधि में परीक्षा फार्म सबमिशन नहीं कर पाए थे, उन्हें दोबारा परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई है।
- चौधरी बनवारी लाल कॉलेज कन्नौज में बीएससी-द्वितीय वर्ष की छात्रा आकांक्षा के रसायन विज्ञान के प्रैक्टिकल नंबर नहीं चढ़े थे, उसे सही कराने का आदेश दिया गया है।
- बैठक में लखीमपुर स्थित रामभजन सिंह कॉलेज का मामला भी रखा गया। कमेटी ने उन्हें भी सामूहिक नकल के दोषमुक्त कर दिया।
- बीफार्मा के छात्र मोहित मिश्रा को स्पेशल बैक परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली।
- हाईकोर्ट के आदेश पर एहसान शेखराज समेत सात छात्रों को पूरक परीक्षा देने की अनुमति दी गई है।
- एमएससी बायोटेक-फोर्थ सेमेस्टर के छात्र विशाल तिवारी के द्वितीय प्रश्नपत्र में अंकों के साथ छेड़छाड़ की गई थी, चैलेंज मूल्यांकन में यह बात स्पष्ट हो चुकी है। कुलपति ने मामले में जांच के लिए कमेटी गठित की है।