कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना काल में अगर बाहर से खाना मंगवा रहे हैं तो उसको घर पर गरम जरूर करें। काढ़ा चाय की तरह गरमा गरम नहीं बल्कि गुनगुना पिएं। इससे शरीर को नुकसान नहीं पहुंचेगा। घर में फिनायल से पोछा लगाएं और सब्जियों को अच्छे से नमक के पानी में धोएं। कोरोना वायरस उड़कर, कूदकर नहीं बल्कि लापरवाही से आएगा।
यह बातें महिला संगठन फिक्की फ्लो की ओर से आयोजित वेबिनार में पद्मश्री डॉ. केके अग्रवाल (कॉर्डियोलॉजिस्ट) ने कहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति से बात करते समय आमने-सामने की जगह अगल-बगल बैठें। सामने बैठने की स्थिति मेें थ्री लेयर मास्क लगाएं। हाथों को अच्छे से धोते रहें। वेबिनार का नेतृत्व डॉ. आरती व निर्देशन रवनीत कौर ने किया। इसमें 17 चैप्टर के सदस्य शामिल हुए।
दोबारा भी हो सकता संक्रमण
संक्रमित यह न समझें कि उन्हें दोबारा संक्रमण नहीं हो सकता। सावधानियां बहुत जरूरी हैं। रोज भिगोकर बादाम और अखरोट खाएं। दालों का सेवन जरूर करें। अंकुरित अनाज और आंवला लाभकारी है।
तीसरे से लेकर छठा दिन अहम
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि लूज मोशन, घुटनों से नीचे व सिर दर्द, अत्यधिक थकान, उल्टी आना कोरोना के लक्षण हैं। तीसरे दिन तक यह लक्षण रहें तो कोरोना टेस्ट जरूर करवाएं। तीसरा, चौथा, पांचवां और छठा दिन अहम होता है। घर पर ऑक्सीमीटर रखें और ऑक्सीजन की जांच करते रहें। जिस हाथ से ज्यादा काम करते हैं उस हाथ की बीच वाली उंगली में ऑक्सीमीटर लगाएं। नौ दिन सही से निकल जाए तो डरने की जरूरत नहीं है।