कानपुर में धर्म परिवर्तन के मामलों पर प्रदेश सरकार के तल्ख रुख के बाद जिले की गठित एसआईटी ने मामलों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। दो सालों में चिह्नित धर्मपरिवर्तन के 17 मामलों की एसआईटी दोबारा जांच करेगी।
रविवार को एसआईटी के नोडल अधिकारी एसपी साउथ दीपक भूकर ने सात सदस्यीय टीम के साथ इस संबंध में बैठक भी की। बर्रा से लापता हुई शालिनी यादव के फिजा बनने के बाद से धर्मपरिवर्तन का मुद्दा एक बार फिर से गर्मा गया है।
हिंदू संगठनों ने एक के बाद एक आधा दर्जन मामले पुलिस-प्रशासन के सामने लाकर रख दिए। आरोप लगाया है कि युवतियों को फंसाकर उनका शारीरिक शोषण करने के बाद जबरन धर्मपरिवर्तन करा दिया गया। सभी आरोपी किदवईनगर थाना क्षेत्र की जूही लाल कॉलोनी के बताए।
आशंका जताई थी कि इसके पीछे बाकायदा कोई संगठन काम कर रहा है। इसके बाद आईजी मोहित अग्रवाल ने एसआईटी का गठन किया था। इसमें नोडल अधिकारी एसपी साउथ दीपक भूकर, गोविंदनगर सीओ विकास पांडेय, पिंक चौकी प्रभारी सरिता मिश्रा, नौबस्ता एसएचओ कुंजबिहारी मिश्रा, गोविंदनगर एसएचओ अनुराग मिश्रा, जूही एसएचओ संतोष आर्या सहित एक हेड कांस्टेबल व एक कांस्टेबल को रखा गया है।